अमेजन से कम दाम पर खरीदारी का झांसा दे ठगने वाले तीन गिरफ्तार
नोएडा। ई-कॉमर्स साइट अमेजन से कम कीमत पर खरीदारी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मुरादाबाद निवासी अब्दुल हन्नान, सुहैब हसन और निशात आलम के रूप में हुई है। आरोपी गलत डेबिट कार्ड नंबर और कार्ड वैरीफिकेशन वैल्यू (सीवीवी) डालकर फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। कोतवाली फेज-2 पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.22 लाख रुपये नकद, 9 मोबाइल और धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई बुलेट बरामद की है। पुलिस इनके खातों की जांच कर रही है। अपर पुलिस उपायुक्त, सेंट्रल जोन अंकुर अग्रवाल ने बताया कि सभी आरोपी सूरजपुर में सुपरटेक इको सिटी सोसाइटी में रह रहे थे। एडीसीपी ने बताया कि गेझा निवासी रजाउल हक पुत्र फखरूद्दीन अहमद की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो इस रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपी आई फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की फोटो ओएलएक्स समेत सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर डालकर आधी कीमत में देने का झांसा देते थे। इसके बाद ग्राहक से एडवांस के तौर पर पैसे लेेकर फर्जीवाड़ा करते थे। आरोपियों ने दो दर्जन से अधिक लोगों से ठगी की है। पुलिस गिरोह के एक और आरोपी की तलाश कर रही है।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी सोशल साइट पर आई फोन व अन्य महंगे गैजेट के फोटो डालकर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद जब कोई इच्छुक व्यक्ति इनसे संपर्क करता था तो बताते थे कि उन्हें यह अमेजन से आधी कीमत में मिल रहा है। आरोपी अमेजन की एक कमी का फायदा उठाते थे। इसके तहत किसी सामान को खरीदने के लिए अमेजन पर जाकर गलत डेबिट कार्ड और सीवीवी नंबर डालते थे। गलत नंबर डालने के बाद भी अमेजन कुछ देर के लिए ऑर्डर बुक कर लेता है। इसी दौरान आरोपी इसका स्क्रीन शॉट ले लेते थे और झांसे में आए व्यक्ति को फोटो भेजकर विश्वास जीत लेते थे। इसके बाद उनसे तय कीमत का आधा पैसे ले लेते थे।
बीए फेल है मास्टरमाइंड
गिरोह का सरगना मुगलपुरा, मुरादाबाद निवासी अब्दुल हन्नान है, जो बीए फेल है। फेज-2 प्रभारी निरीक्षक अनीता चौहान ने बताया कि आरोपी अब्दुल पहले किसी कंपनी में काम कर चुका है। इसका साथी निशात आलम भी बीए फेल है। तीसरा आरोपी सुहैब हसन ने बीकॉम किया है। आरोपी चार महीने से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। फर्जीवाड़ा करने के लिए ही आरोपी मुरादाबाद से नोएडा आए थे। उन्होंने सूरजपुर में सुपरटेक इकोसिटी में 12000 रुपये प्रति माह किराए पर एक फ्लैट ले रखा था। जहां रहकर ठगी कर रहे थे।
मनी ट्रांसफर का काम करता है वादी
एडीसीपी ने बताया कि मामले में वादी गेझा निवासी मोहम्मद रजाउल हक मनी ट्रांसफर का काम करता है। उसने पुलिस से शिकायत की थी कि निशात आलम ने उसके खाते से तीन लाख रुपये निकाल लिए। जांच में पता चला कि आंध्र प्रदेश में पीड़ित के खाते से पैसे निकाले गए। इस पर नोएडा पुलिस ने आंध्र प्रदेश पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रजाउल हक का अकाउंट फ्रिज करा दिया गया। इसके बाद मामले का खुलासा किया गया।