फिरोजपुर झिरका। नगर में खंड शिक्षा अधिकारी ने अध्यापकों और लोगों के साथ मंगलवार को बैठक की। इस दौरान बताया गया कि ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए निजी स्कूलों की तरह मासिक फीस लेकर खंड के 10 राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी पढ़ाई जाएगी। सरकार का दावा है कि इन स्कूलों में बच्चों से ली गई फीस को स्कूल और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ही खर्च किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण बच्चों को शहरी और निजी स्कूलों की तर्ज पर पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने के लिए राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों को शुरू करने की अनुमति प्रदान की गई है। खंड में नरियला, भोंड, हसनपुर, अगोंन, नावली, रावली, बिंवा, मोहम्मद बॉस, मंदापुर और साकरस गांव में कुल 10 प्राइमरी स्कूलों को राजकीय मॉडल संस्कृति बनाए हैं। इन स्कूलों में अन्य राजकीय स्कूलों से अतिरिक्त शिक्षा संबंधित सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। शिक्षा विभाग के अनुसार पहली से तीसरी कक्षा तक 200, 4 से 5 वीं कक्षा तक 500 रुपये मासिक फीस ली जाएगी और शिक्षा के अधिकार 2011 के अनुसार 134 ए के अंतर्गत निर्धन बच्चों और लड़कियों को मुफ्त पढ़ाई कराई जाएगी।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में तीन साल के लिए स्कूल प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों को शुरू करने के लिए अध्यापकों और अभिभावकों को निर्धारित नियमों से अवगत कराया जा चुका है। जल्दी ही इन स्कूलों को शुरू कर दिया जाएगा।