डीडीए ने शुरू की तैयारियां, इवेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी
14 से 16 फरवरी तक कई पार्कों में होगा उत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में बसंत ऋतु के आगमन का जश्न इस बार और भव्य अंदाज में मनेगा। डीडीए ने राजधानी के प्रमुख पार्कों में आयोजित होने वाले पलाश महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले साल द्वारका और मयूर विहार में पहली बार आयोजित हुए फूलों के उत्सव को इस बार और भव्य रूप दिया जा रहा है। आयोजन का दायरा बढ़ाकर इसमें नई स्थान जोड़े गए हैं।
पलाश महोत्सव के जरिये डीडीए दिल्ली के पर्यावरण और संस्कृति का सुंदर संगम पेश करना चाहता है। इस उत्सव में बसंत की खुशबू, रंग और रौनक एक साथ झलकेगी यानी दिल्ली के पार्क एक बार फिर फूलों और संगीत की महक से महक उठेंगे। महोत्सव 14 से 16 फरवरी तक होगा। इस बार अशोक विहार के अशोक गार्डन, नरेला के स्मृति वन पार्क, आईटीओ के बांसेरा पार्क और जसोला के लाला हरदयाल पार्क में यह आयोजन देखने को मिलेगा।
डीडीए के बागवानी विभाग ने आयोजन की परिकल्पना, डिजाइन, निष्पादन, ब्रांडिंग और प्रबंधन के लिए इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 6 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तय किया गया है। 13 नवंबर को प्री बिड मीटिंग होगी जबकि 21 नवंबर को टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि रखी गई है।
वार्षिक पुष्प उत्सव बना
डीडीए अधिकारियों का कहना है कि पलाश महोत्सव अब दिल्ली का वार्षिक पुष्प उत्सव बन चुका है। इसका उद्देश्य राजधानी की हरियाली और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ सामने लाना है। इस बार आयोजन का स्वरूप ऐसा तैयार किया जा रहा है जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मिले। महोत्सव में न सिर्फ अनगिनत प्रकार के फूल और पौधे प्रदर्शित किए जाएंगे बल्कि दिल्ली और देशभर के पारंपरिक व्यंजन, लोक कला व संगीत का भी आनंद मिलेगा।
बढ़ाए जा सकते हैं आयोजन के स्थान
विकास मीनार स्थित बागवानी विभाग के कार्यालय में आयोजन को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि 27 नवंबर को फिर से बड़ी बैठक होगी जिसमें आयोजन स्थलों की संख्या बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।