जिले में उपभोक्ताओं को इस साल के अंत तक छह नए विद्युत उपकेंद्र मिलेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति के लिए इस साल के अंत तक छह नए विद्युत उपकेंद्र मिल जाएंगे। इनका निर्माण कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। विद्युत उपकेंद्र तैयार हो जाने से उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत मिलेगी।
पावर कॉरपोरेशन के ट्रांसमिशन के अधिकारियों के अनुसार, जिले में 11/33 केवीए से लेकर 220 केवीए तक के विद्युत उपकेंद्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसमें 220 केवीए के चार उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। यह उपकेंद्र ग्रेटर नोएडा के जलपुरा, सेक्टर-केपी पांच, नोएडा के सेक्टर-62 में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा जेवर एक्सटेंशन, ईकोटेक-आठ में 132 केवीए के बिजली उपकेंद्र बन रहे हैं। छह उपकेंद्र दिसंबर तक बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए निर्माणाधीन बिजली उपकेंद्र पर लगातार निरीक्षण करने के साथ ही तेजी से कार्य भी कराया जा रहा है। बिजली अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-123 स्थित 400 केवीए के बिजली उपकेंद्र से उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई शुरू कर दी गई है।
बिजली की मांग लगातार बढ़ रही
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, जिले में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। अभी मांग 1400 से 1800 मेगावाट तक है। अगले वर्ष मांग 2400 मेगावाट तक पहुंच सकती है। जिले में कई डाटा सेंटर बन रहे हैं। इन सेंटर में बिजली की खपत अधिक होती है। तेजी से बढ़ती बिजली की मांग और आने वाले वर्षों में संभावित खपत को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन नए उपकेंद्रों का निर्माण करा रहा है। गौतमबुद्धनगर में वर्तमान में छह विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण हो रहा है। इसमें दो 132 केवी व चार 220 केवी के हैं। सभी छह उपकेंद्र इसी वर्ष शुरू हो जाएंगे। केपी-5, जलपुरा व सेक्टर-62 में 220 केवी, मेट्रो डिपो, जेवर एक्सटेंशन, ईकोटेक-8 में 132 केवी उपकेंद्र शुरू होगा।
डाटा सेंटर के लिए बिजली की बहुत आवश्यकता
जिले में बड़ी मात्रा में निवेश के साथ आबादी बढ़ रही है। खासकर डाटा सेंटर का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है। डाटा सेंटर के संचालन के लिए बिजली की बहुत आवश्यकता है। अभी तक चार डाटा सेंटरों ने विद्युत निगम से जो लोड लिया है, वह विद्युत निगम की वर्तमान खपत के 50 प्रतिशत के बराबर है। हालांकि, डाटा सेंटर धीरे-धीरे बिजली प्रयोग करेंगे, लेकिन अगल कुछ वर्षों में पूरी क्षमता के साथ संचालित हो लगेंगे। साथ ही जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी बन रहा है। वहां पर भी करीब 100 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। इसके अलावा डाटा सेंटर के लिए हीरानंदानी समूह ने 200 मेगावाट, माइक्रोसाॅफ्ट ने 120 मेगावाट, अदाणी समूह ने 80 मेगावाट, एनटीटी समूह द्वारा 70 मेगावाट का कनेक्शन लिया है। इसी को देखते हुए विद्युत निगम तेजी से उपकेंद्रों का निर्माण कर रहा है, जिससे मांग के अनुसार आपूर्ति दी जा सकेगी।
जिले में बिजली की खपत बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में बिजली की मांग और बढ़ेगी। इसको देखते हुए नए उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। अभी छह उपकेंद्रों का निर्माण चल रहा है। दिसंबर से पहले पूरे हो जाएंगे।
-अभिषेक सिंह, अधिशासी अभियंता द्वितीय ट्रांसमिशन