ग्रेटर नोएडा। शासनादेश पर नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) ने रात में आवासीय सेक्टरों में कटौती नहीं करने का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि रात में बिजली संकट बढ़ता है तो औद्योगिक और अन्य सेक्टरों में कटौती की जाएगी। कंपनी को अगले तीन दिन में बिजली संकट कम होने की उम्मीद है। कोयले की कमी के कारण देश भर के विद्युत संयंत्रों में बिजली का उत्पादन कम हो गया है। ज्यादातर राज्यों में बिजली संकट है। ग्रेनो में भी इसका असर है। एनपीसीएल को खपत से करीब 80 मेगावाट बिजली कम मिल रही है। इस बीच प्रदेश सरकार ने शाम 6 से सुबह 7 बजे तक आवासीय सेक्टरों में कटौती पर रोक लगा दी है।
अफसरों ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को शासनादेश के तहत बिजली आपूर्ति दी जाएगी। रात में बिजली संकट आता है तो औद्योगिक सेक्टरों के साथ व्यावसायिक उपभोक्ताओं की बिजली कटौती की जाएगी। वहीं, मंगलवार को एक से दो घंटे ही कटौती की गई। अफसरों ने बताया कि धीरे-धीरे सुधार होने लगेगा। केंद्र और राज्य सरकार पूरा प्रयास कर रही हैं। उम्मीद है कि अगले तीन दिन में बिजली आपूर्ति में 60 प्रतिशत तक सुधार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मौसम में भी बदलाव हो रहा है। तापमान गिरता जा रहा है। इससे बिजली की खपत में कमी आने की उम्मीद है। इसका असर आपूर्ति में दिखेगा। वहीं, विभिन्न संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एनपीसीएल के वाइस प्रेसिडेंट सारनाथ गांगुली से मिला और समस्याओं से अवगत कराया। एनपीसीएल से किसानों के बिजली बिलों को सही करने और चोरी के केस वापस लेने की मांग की।
प्रतीक विस्टीरिया को 28 लाख सिक्योरिटी राशि जमा करने का नोटिस
प्रतीक विस्टीरिया के निवासियों को विद्युत निगम ने प्रतिभूति धनराशि (एडिशनल सिक्योरिटी) के रूप में करीब सवा 28 लाख रुपये का नोटिस भेजा है। सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि निगम सिक्योरिटी चार्ज लेने के लिए तो नोटिस भेज रहा है, लेकिन पहले से जमा 42 लाख रुपये का सात साल से कोई हिसाब नहीं दिया है।
विद्युत निगम की ओर से सिंगल प्वाइंट कनेक्शन पर एडिशनल सिक्योरिटी चार्ज लिया जाता है। यदि किसी परिस्थिति में कंपनी या बिल्डर बिल जमा नहीं करता है तो इससे कुछ धनराशि एडवांस में ले ली जाती है, ताकि घाटा पूरा किया जा सके।
इसी क्रम में विद्युत निगम की ओर से सोसाइटी को सवा 28 लाख रुपये जमा करने का नोटिस दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि पैसा जमा नहीं करने पर बिजली काट दी जाएगी। इससे निवासी नाराज हैं। निवासियों ने कहना है कि कोरोना के दंश से अभी उबर नहीं पा रहे हैं। ऐसे निगम फिर से चार्ज वसूलने की तैयारी में है। मुख्य अभियंता वीएन सिंह ने बताया कि हर वित्त वर्ष में सिंगल प्वाइंट पर उपभोक्ताओं से बढ़ा हुई औसतन सिक्योरिटी राशि ली जाती है। यह राशि संबंधित बिल्डर, कंपनी या मॉल की धरोहर राशि होती है। इस पर निगम ब्याज देता है। उन्होंने बताया कि सिंगल प्वाइंट कनेक्शन पर शुरुआत में बिजली के प्रयोग के अनुसार सिक्योरिटी राशि जमा कराई जाती है। उपयोग बढ़ने पर औसत राशि भी बढ़ गई। उसे ही जमा कराने के लिए नोटिस भेजा गया है।