सेक्टर-60 की तरफ एलिवेटेड रोड के नीचे पौधे। अमर उजाला
नोएडा (संजय शिशौदिया)। स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में पहला स्थान हासिल करने के लिए नोएडा को अब नए सिरे से संवारने का काम शुरू कर दिया गया है। मुख्य सड़कों के मध्य डिवाइडर पर न केवल हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि फूलों के पौधे भी लगेंगे। खुले नालों पर बांस के जाल लगाए जाएंगे। सभी मुख्य बाजारों में डस्टबिन लगाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है। 15 से 30 मार्च के बीच यह सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों निर्देश जारी किए हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण में हर बार मध्यप्रदेश का इंदौर ही नंबर वन आता है। नोएडा भी ऊंची छलांग लगाते हुए दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है। अब स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 शुरू हो चुका है। बीते सर्वेक्षण में तीन-तीन पुरस्कार हासिल करने वाले नोएडा को अब एक बार फिर नए सिरे से संवारा जा रहा है। पिछले दिनों जन स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने विभिन्न कार्यों को शुरू करने और मार्च में ही निपटाने के लिए निर्देशित किया।
सूखे पौधे हटाकर लगेंगे नए
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देशित किया है कि शहर में बने सभी यूरिनल के सामने रखे गए टूटे पॉट्स और खराब हो चुके पौधों को बदलने का काम तत्काल ही शुरू कर दिया जाए। डिवाइडर पर लगाए गए सूखे पौधों के स्थान पर भी नए पौधे लगाए जाएं। 15 मार्च तक यह कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। शहर के खुले सभी नालों को इंदौर की तर्ज पर बांस के जाल से ढका जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह सर्वे कार्य कराने के बाद इस कार्य को भी 15 मार्च तक पूरा कर लें। साथ ही, अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह शहर के सभी बाजारों, शौचालयों का सर्वे करते हुए सीएसआर फंड से डस्टबिन स्थापित कराएं।
बल्क वेस्ट जनरेटर पर 25 मार्च के बाद कार्रवाई
नोएडा क्षेत्र में बल्क वेस्ट जनरेटर (बडे़ कूड़ा उत्पादक) को अपने परिसर में ही गीले कूडे़ के निस्तारण के लिए कंपोस्ट प्लांट आदि स्थापित करने होंगे। कई ऐसे बडे़ संस्थानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। इन लोगों को 25 मार्च तक का समय दिया गया है जो संस्थान 25 मार्च तक परिसर में वेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट को स्थापित नहीं करेंगे, उनके खिलाफ प्राधिकरण की ओर से न केवल कड़ी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि जुर्माना भी वसूला जाएगा।