त्योहारों पर आवाजाही बढ़ने से समस्या हो जाती है गंभीर
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। ग्रेनो के प्रमुख कस्बों में गिने जाने वाले कासना में आवश्यक सुविधाओं का अभाव लोगों की परेशानी का कारण बनता जा रहा है। यह क्षेत्र गांवों को शहर से जोड़ने वाला एक मुख्य केंद्र है लेकिन यहां पर न तो यात्रियों के लिए बस शेल्टर है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। त्योहारों पर यहां हर साल भारी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। उस समय समस्या और बढ़ जाती है। निवासियों की शिकायत है कि हर त्योहार की तरह इस बार रक्षाबंधन पर भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
लोगों का कहना है कि बस शेल्टर न होने के कारण यात्रियों को धूप और बारिश में खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है। कासना से रोजाना सैकड़ों यात्री सिरसा, लड़पुरा, मांयचा, सलैमपुर, घंघौला, गिरधरपुर, बिलासपुर, मंडी श्याम नगर, दनकौर जैसे गांवों और कस्बों की ओर आवाजाही करते हैं। ग्रेटर नोएडा डिपो से चलने वाली परिवहन बसें इन रूटों पर उपलब्ध तो हैं लेकिन ठहरने और प्रतीक्षा करने की कोई सुविधा नहीं है। स्थानीय निवासी रेखा, सुनील यादव, राजकुमार और पिंकी ने बताया कि भीषण गर्मी में बस का इंतजार करना मुश्किल हो जाता है, और पीने के पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, ऑटो चालकों की मनमानी ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऑटो इधर-उधर खड़ा करने की वजह से इलाके में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे न सिर्फ यात्री बल्कि अन्य वाहन चालक भी परेशान रहते हैं। उनका कहना है कि संबंधित विभाग की ओर से जल्द से जल्द कासना में एक बस शेल्टर का निर्माण किया जाए और आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।