नोएडा। दो दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार को नोएडा पहुंचे प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने नोएडा प्राधिकरण की समीक्षा बैठक में सख्त कदम उठाते हुए 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले दागी अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवानिवृत्त करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे दागी अफसर जिनके खिलाफ एक-दो बार कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करें। साथ ही, किसी भी कीमत पर सेवा विस्तार न दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी, कर्मठता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में उन्होंने निजी बैंकों में कम ब्याज पर नोएडा का पैसा रखने पर सवाल किया जिसका अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि वे पिछले एक वर्ष की बोर्ड बैठक के निर्णय देखेंगे। बोर्ड के सभी प्रस्तावों की जानकारी चाहिए कि कौन से प्रस्ताव पारित हुए और कौन से अस्वीकार कर दिए गए। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने नक्शा पास किए जाने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि सर्वाधिक सेवाएं प्रॉपर्टी सेक्टर में आती हैं और इसमें निदान हेतु सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। पहले 60-70 दिन में जो कार्य होते थे, अब 10-12 दिन में हो रहे हैं। नंदी ने कहा कि जनमानस को सुविधा प्रदान करना हमारा दायित्व है। परियोजनाओं की बुकलेट हर माह की 5 तारीख को अवश्य आनी चाहिए।
भ्रष्टाचार की शिकायतों के निवारण के बारे में पूछा
नंदी ने अधिकारियों से पूछा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों के निवारण के लिए क्या-क्या कार्रवाई की गई। नक्शा पास करने के सिस्टम की जांच के लिए उन्होंने पिछले कुछ दिनों में पास हुए पांच नक्शे और निरस्त हुए नक्शे की पत्रावली अधिकारियों से मांगी। उन्होंने सॉफ्टवेयर की वजह से हुई गड़बड़ी के कारण नक्शा पास होने में विलंब पर एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दोबारा निर्माण पर बिल्डरों पर एफआईआर कराने को कहा। नंदी ने यादव सिंह मामले में अब तक जो भी कार्रवाई होनी है, उसे पूरा करने को कहा। उन्होंने नियोजन विभाग से बिल्डरों और खरीदारों के मामले की जानकारी ली। नंदी ने सीएजी की रिपोर्ट में आए नामों की भी समीक्षा करने को कहा।
अधिकारियों ने गिनाए नोएडा के काम
अधिकारियों ने नंदी को बताया कि 4500 शहरों की रैंकिंग में नोएडा 150वें स्थान से इस वर्ष चौथे स्थान पर आ गया है। इसके अलावा 100 दिन के कार्यों में शहर के चौक-चौराहों पर एक हजार से अधिक कैमरे लग रहे हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे की मुख्य तौर आबादी बढ़ रही है। वहां विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पर्थला चौक पर फ्लाईओवर बन रहा है। गंगाजल परियोजना पर रिव्यू किया जा रहा है।
कई परियोजनाओं की जानकारी ली
नंदी ने हैबिटेट सेंटर, चिल्ला रेगुलेटर सहित अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने शासन स्तर पर फंसी परियोजनाओं की जानकारी भी ली और इसमें मदद करने का वादा किया। परियोजनाओं में देरी पर उन्हाेंने नाराजगी जताई। सड़क पर खड़ी गाड़ियों को पार्किंग स्थल तक न लाकर वहीं 1000 रुपये का जुर्माना कर छोड़ने को कहा।
30 करोड़ की इन परियोजनाओं का लोकार्पण
नंदी ने प्राधिकरण की तीस करोड़ की परियोजनाओं को लोकार्पण भी किया। इनमें 14.6 करोड़ की लागत से एक्सप्रेसवे के समानांतर सेक्टर-132 जेनेसिस रोटरी से पंचशील अंडरपास तक आरसीसी मुख्य नाले का निर्माण, 5.85 करोड़ से सेक्टर-91 वेटलैंड, 6.52 करोड़ से एक्सप्रेसवे पर दो एफओबी, 2.36 करोड़ से सेक्टर-104 व 100 के बीच एक एफओबी, सेक्टर-150 में 18 लाख से एक पिंक शौचालय व 10 लाख की मदद से सेक्टर-121 में सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण किया।