सीतापुर। जिले से गुजरने वाले तीन नेशनल हाईवे और दो स्टेट हाईवे को क्रिटिकल कॉरिडोर के बतौर चिह्नित किया गया है। इनकी हाईटेक निगरानी के लिए अब हाईवे पर 25 टीमें तैनात होगी। ताकि इन हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के सफर को सुरक्षित बनाया जा सके। बृहस्पतिवार को इन हाईवे रूट पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की रणनीति बनाने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक यातायात अरविंद कुमार मौर्य की अध्यक्षता में पुलिस लाइन के दधीचि सभागार में एक बैठक भी हुई।
इसमें क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों के एक्शन प्लान पर गहन चर्चा हुई। बताया या कि जिले में हादसों को कम करने के लिए पांचों प्रमुख हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने व कम करने के उद्देश्य से 25 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें गठित की गयी है। यह टीमें पूरे रूट पर लगातार प्रभावी चेकिंग करते हुए प्रवर्तन की कार्रवाई करेंगी। पुलिस उप महानिरीक्षक ने बताया कि सभी टीमों को यातायात उपकरणों ब्रीथ एनलाइजर, बॉडी ऑन कैमरा, रिफ्लेक्टिव जैकेट, बैटन, टार्च आदि से लैस किया जाएगा। यह टीमें चिह्नित रूट पर सड़क हादसों की विवेचना कर हादसे में हुई मौत की असली वजह की पड़ताल भी करेगी। बैठक में एएसपी उत्तरी आलोक सिंह व सीओ यातायात धर्मेंद्र कुमार यादव के साथ ही यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे।
इन बिंदुओं पर होगा काम
- जागरूकता - स्कूल कॉलेजों में छात्र छात्राओं के लिए व वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, आयोजित करने के साथ ही आम जनमानस को भी सड़क सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी देना।
- प्रवर्तन- सड़क दुर्घटना के घातक कारणों ओवरस्पीडिंग, मादक द्रव्य पीकर वाहन चलाना, पिलियन राइडर यानि दोपहिया वाहन में पीछे बैठने वाले व्यक्ति द्वारा हेलमेट न लगाना, वाहन चलाते समय फोन का प्रयोग करना व यातायात के अन्य नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई करना।
- इंजीनियरिंग- नेशनल हाईवे व ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों के लिए लघु स्तर पर रणनीति बनाकर सड़क इंजीनियरिंग की समस्याओं को दूर करने के साथ ही राजमार्गों नगर, रिहायशी क्षेत्रों व अन्य मार्गों पर अवैध कट को बंद करवाना, सड़क पर जरूरी डिवाइडर का संकेतकों के साथ निर्माण, सड़क पर गड्ढे भरवाना, रोड रिफलेक्टर लगवाना व अन्य कार्य
- आपातकालीन देखभाल- फस्ट एड प्रशिक्षण, राहवीर योजना का प्रचार प्रसार, दुर्घटना की प्रत्येक सूचना पर स्थानीय थाने की टीम का तत्काल पहुंचना व गोल्डन ऑवर में चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना।
- प्रशिक्षण- यातायात संकेतों के संचालन का प्रशिक्षण, क्रैश इंवेस्टीगेशन, पार्किंग प्रबंधन, आईरैड व ई डॉर एप पर डाटा फीडिंग, लंबित चालानों को वी कोर्ट पर भेजकर निस्तारण कराना।
चिह्नित पांच क्रिटिकल कॉरिडोर्स
एन एच 30 (91 किमी) - अटरिया, सिधौली, कमलापुर, खैराबाद, कोतवाली नगर, रामकोट, महोली।
एस एच 21(28 किमी) - कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, हरगांव।
एस एच 30 बी (58 किमी ) - खैराबाद, मानपुर, बिसवां, सदरपुर, रेउसा, थानगांव।
एन एच 330 डी (33 किमी) - रामकोट, मिश्रित, नैमिष।
एन एच 727 एच (69 किमी) - हरगांव, लहरपुर, बिसवां, सदरपुर, महमूदाबाद।