तख्ता रखकर नाला पार करते छात्र। संवाद
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गांव नगला बाबू के निकट से गांव अहरई जाने वाला रास्ता बरसाती नाले के पुल का बंधा कटने के बाद पिछले नौ दिनों से बंद है। इस मार्ग पर बसे 20 गांवों का संपर्क अभी तक मुरसान से कटा हुआ है।
इन गांवों में बंका, दऊदा, अहरई, सुरतिया, मुगरिया, सेनपुर आदि गांव प्रमुख हैं। पिछले नौ दिन से इस रास्ते से जाने वाले ग्रामीण अस्थायी पुल बनने का इंतजार कर रहे हैं। रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को मुरसान जाने के लिए करीब छह किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। कुछ लोगों ने निकलने के लिए नाले के ऊपर लकड़ी के डंडे रख दिए हैं।
सोमवार को कुछ विद्यार्थी व ग्रामीणों ने लकड़ी के तख्ते के ऊपर से होकर जान जोखिम में डालकर नाले को पार किया, लेकिन दोपहर को इस तख्ते को हटा दिया गया। गौरतलब है कि गांव नगला बाबू के निकट से होकर निकल रहा यह बरसाती नाला अलीगढ़ के बेसवां क्षेत्र से होते हुए मुरसान के गांव अहरई के पास करबन नदी में जुड़ा हुआ है। 31 अगस्त को यह नाला ओवरफ्लो हो गया था, जिससे इसका पानी मिट्टी के बंधे के ऊपर होकर निकलने लगा। इस पानी से करीब 500 बीघा फसल भी जलमग्न हो गई थी। अधिशासी अभियंता लोनिवि संजीव कुमार वर्मा का कहना है कि पुलिया निर्माण के लिए पानी कम होने का इंतजार है। तब तक के लिए मार्ग को अवरुद्ध कर परिवर्तित कर दिया गया है।