सीतापुर/पिसावां। मिश्रिख वन रेंज और पिसावां इलाके में तेंदुए की चहल-कदमी से दहशत है। वन विभाग की टीम पकड़ पाना तो दूर उसकी तलाश तक नहीं कर पा रही है।
संदना क्षेत्र के गेंधरिया पट्टी गांव में सोमवार दोपहर को तेंदुआ देखा गया। गांव निवासी रुद्राक्ष सिंह (12) पुत्र मनोज सिंह ने गन्ने के खेत से तेंदुआ निकलते देखा तो वह सहम गया। थोड़ी देर बाद शोर मचाते हुए भागा। शोर सुनकर कुछ ही दूरी पर काॅम्बिंग कर रहे वन दरोगा ऋषभ सिंह अपनी टीम के साथ पहुंच गए।
वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश कर ही रही थी इसी बीच तेंदुए ने कुछ दूर एक बकरी पर हमला कर दिया। चरवाहों व ग्रामीणों ने से शोर मचाया तो तेंदुआ गन्ने के खेतों में भाग गया। घटना से दहशत फैल गई है। वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
मिश्रिख के वन क्षेत्राधिकारी सिकंदर सिंह ने बताया कि रसुलवा समेत दो जगहों पर पिंजरा लगाया गया है, काॅम्बिंग की जा रही है।
तीन साल पहले तेंदुआ ने किसान को बनाया था निवाला
गेंधरिया पट्टी से कुछ दूरी पर जगदीशपुर निवासी किसान मृतुंजा को तेंदुए ने तीन साल पहले अपना निवाला बनाया था। अब इलाके में लगातार तेंदुआ फिर मूवमेंट कर रहा है। तेंदुए की आमद ने लोगों को तीन साल पहले की घटना याद दिला दी है। इससे लोग दहशतजदा हैं।
पिसावां में गाय के बछड़े को बनाया निवाला
तेंदुए ने सिकटहुली व हरनी खुर्द के बीच गाय के बछड़े को निवाला बनाया है। सोमवार सुबह बछड़े के अवशेष देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। वन दारोगा विनीत कुमार सक्सेना ने पगचिह्न तेंदुए के होने की पुष्टि की है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए खेतों में समूह के साथ जाने को कहा है।
तेंदुए की चहल-कदमी पिछले कई दिनों से इलाके में बनी हुई है। तेंदुआ कभी रात में सड़क पर घूमता नजर आता है तो कभी खेत में। मवेशियों का शिकार भी कर रहा है। इससे हन्नी, सिकटहुली, खाझा कुआं, हरनी खुर्द, हरनी कला समेत आसपास के कई गांवों में दहशत का माहौल है।
सिकटहुली निवासी कन्हाई सिंह, देवेंद्र सिंह, राम रतन सिंह, मुन्ना सिंह, अशोक सिंह आदि ने बताया कि रविवार की रात गाय जोर-जोर से चिल्ला रही थी। कुत्ते भी भौंक रहे थे। इससे लग रहा था कि देर रात तेंदुआ गांव के करीब तक आ गया था। बताया जाता है कि रविवार की शाम से सिक्टौली गांव के दीपू सिंह की बछिया लापता है। लोगों ने अंदाजा लगाया कि तेंदुए का शिकार बनी बछिया दीपू की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि धान और गन्ने की फसल की देखरेख करने के लिए खेत जाने से भी किसान डर रहे हैं। वन विभाग के अफसरों ने सभी को सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।
पिसावां क्षेत्र के सिकटहुली व हरनी खुर्द के मध्य मिले तेंदुए के पगचिह्न।
पिसावां क्षेत्र के सिकटहुली व हरनी खुर्द के मध्य मिले तेंदुए के पगचिह्न।