महेंद्रगढ़। शहर की आबादी को वर्ष 2047 तक पेयजल की परेशानी नहीं होगी। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनवरी 2026 तक 25 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी कर शहर में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
परियोजना के तहत शहरी क्षेत्र में तीन बूस्टिंग स्टेशनों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब विभाग की ओर से छह करोड़ लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता वाले टैंक का निर्माण शुरू कर दिया है। जिम्मेदारों का दावा है कि इस परियोजना को दिसंबर तक पूरी कर जनवरी से ही शहर में मांग के अनुसार पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
बता दें कि गांव देवास जल परियोजना के वर्तमान में 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक हैं। अब छह करोड़ लीटर क्षमता के नए टैंक का निर्माण शुरू कर दिया गया है। यह निर्माण पूरा होने के बाद देवास जल परियोजना की 30 करोड़ लीटर की क्षमता हो जाएगी। यह परियोजना वर्ष 2047 तक शहरी आबादी को पेयजल आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
परियोजना के तहत भूमिगत पाइप लाइन दबाकर शहर में बनाए गए करीब दस लाख लीटर क्षमता के तीन बूस्टिंग स्टेशनों से शहर में पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
इंसेट
नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा
बता दें कि विभाग की ओर से लंबे समय से देवास जल परियोजना के चार टैंकों की मरम्मत नहीं कराई गई थी। मरम्मत के अभाव में लगातार टैंकों से पानी रिसाव होने व मिट्टी जमने से 24 करोड़ लीटर क्षमता से घटकर आधी ही रह गई थी। क्षमता कम होने से एक माह में 15 दिनों तक पानी की राशनिंग के आधार पर आपूर्ति होती है। नहरी पानी आने में देरी होने पर यह राशनिंग बढ़ने से पेयजल किल्लत बढ़ जाती है लेकिन यह परियोजना पूरी होने के बाद लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
वर्जन...
अमृत मिशन योजना के तहत जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 24 करोड़ रुपये की परियोजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। शहर के तीन स्थानों पर बूस्टिंग स्टेशनों पर नए टैंक बनाने का काम पूरा हो चुका है। अब देवास जल परियोजना के नए टैंक के निर्माण काम भी तेजी से हो रहा है। साथ ही टैंकों की मरम्मत व साफ-सफाई भी कराई जा रही है। जनवरी 2026 तक पानी की पानी की नियमित आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।- सुरेंद्र सिंह, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग