रेवाड़ी। शहर की एक पंजीकृत संस्था सैनी चौपाल टेकपुर मुक्तिवाड़ा की देनदारी के लिए जारी किए गए चेक के दोषी को चेक बाउंस होने पर अदालत ने एक साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही प्रथम जुडिशल मजिस्ट्रेट आकाश सरोहा की अदालत ने आरोपी को चेक का डेढ़ गुना शिकायतकर्ता को अदा करने का आदेश दिया है।
शहर के आंबेडकर चौक स्थित सैनी चौपाल टेकपुर मुक्तिवाड़ा के पूर्व प्रधान हीरालाल सैनी की तरफ संस्था की कुछ बकाया राशि निकलती थी, इसके लिए सैनी समाज के लोगों ने काफी मशक्कत की थी। समझौते के तहत हीरालाल के पुत्र प्रवीण कुमार ने यह राशि अदा करने के लिए संस्था को दो चेक साल 2018 में जारी किए थे।
हीरालाल और प्रवीण ने संस्था को एक हलफनामा भी दिया था और आश्वासन दिया था कि वह सारी राशि चेक से संस्था का अदा कर देंगे। एक चेक 4 लाख 60 हजार रुपये का था और दूसरा चेक 10 हजार 526 रुपये का था, हालांकि दोनों चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए थे।
सैनी चौपाल की ओर से लियो चौक निवासी प्रधान किशनलाल ने 12 जनवरी 2018 को अदालत में चेक बाउंस का मुकदमा दायर किया था। लंबे समय तक चले मुकदमे की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी प्रवीण कुमार को दोषी करार देते हुए चेक की डेढ़ गुना राशि 705789 रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आरोपी को एक साल कैद की सजा भी सुनाई गई है।