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Noida News: 1984 दंगा पीड़ितों की अगली पीढ़ी को भी मिलेगी नौकरी

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दिल्ली कैबिनेट ने करुणामूलक रोजगार नीति को दी मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों के परिवारों के पुनर्वास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में करुणामूलक रोजगार नीति को मंजूरी दी गई जिसके तहत अब पीड़ित परिवारों के आश्रितों को नौकरी दी जाएगी।

दिल्ली सरकार की इस नीति से न केवल पुराने लंबित मामलों का निपटारा होगा बल्कि पीड़ित परिवारों का सम्मान वापस होगा और वे आत्मनिर्भर बनेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि साल 2007 में लिए गए मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद से रोजगार सहायता से जुड़े कई मामले अटके हुए थे जो अब इस नई नीति से तेजी से पूरे किए जाएंगे। नई नीति के तहत जिन पीड़ित परिवारों के आश्रित अब 50 वर्ष से अधिक उम्र के हो गए हैं और सरकारी सेवा के योग्य नहीं हैं उनके परिवार की अगली पीढ़ी, पुत्र, पुत्री, बहू या दामाद को भी रोजगार का अवसर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र परिवार को सहायता का वास्तविक लाभ मिले और कोई भी परिवार अब और प्रतीक्षा न करे।
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पीड़ित परिवारों का आत्मसम्मान लौटा रहे : रेखा गुप्ता
नई नीति में आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में आवश्यक छूट भी दी गई है ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सत्यापन और शिकायत निवारण की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। यह कदम दिल्ली सरकार की संवेदनशीलता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं दे रहे बल्कि इन परिवारों का आत्मसम्मान भी लौटा रहे हैं। रोजगार का यह अवसर अब अगली पीढ़ी तक पहुंचेगा जिससे परिवारों को स्थायी सहारा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह निर्णय 1984 के पीड़ित सिख परिवारों के लिए न्याय और पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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