नोएडा। जिले में संचालित एकमात्र ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल की मनमानी फीस उगाही का मामला परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के संज्ञान में आने के बाद से ही अधिकारियों में खलबली मची है। मामले में मंत्री ने फोन पर परिवहन अधिकारी को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर सेक्टर-10 स्थित ओम साईं ड्राइविंग स्कूल संचालक ने शिकायत करने वाले मनोज कुमार भाटी को सर्टिफिकेट देने के लिए बुलाया और धोखे से एक ऐसे समझौते पत्र पर हस्ताक्षर कराने चाहे, जिस पर लिखा था कि उन्होंने यह शिकायत किसी और के कहने पर की है। शपथपत्र पढ़ते ही मनोज ने उसे फाड़ दिया और सर्टिफिकेट लेकर चले गए। आरोप है कि अब स्कूल संचालक उन पर फैसले का दबाव बना रहा है। उधर, मनोज ने इस प्रकरण की शिकायत एक बार फिर से परिवहन मंत्री से करने की बात कही है।
बीते शनिवार को परिवहन मंत्री अशोक कटारिया मोरना बस डिपो पर निरीक्षण के लिए आए थे। इस दौरान सेक्टर-71 के निवासी ट्रांसपोर्टर मनोज कुमार भाटी ने स्कूल के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया था कि स्कूल में ट्रेनिंग फीस के नाम पर 35 हजार रुपये मांगे जाते हैं। जबकि, इसी संभाग में आने वाले गाजियाबाद और बुलंदशहर में मात्र 3 हजार रुपये लगते हैं। मनोज में इसमें एआरटीओ विभाग के अधिकारियों के शामिल होने के आरोप लगाए थे। मंत्री ने मौके से ही परिवहन अधिकारी को फोन कर मामले को देखने और इसमें उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
स्कूल संचालक ने मंगलवार को मनोज को सर्टिफिकेट देने के लिए बुलाया। मनोज ने बताया कि कई शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। जब उन्होंने तीसरे नंबर पर रखा शपथपत्र देखा तो हैरान रह गए। इस पर लिखा था कि मनोज ने यह शिकायत किसी और के दबाव में की है। इसके बाद उन्होंने शपथपत्र फाड़ दिया। मनोज ने बताया कि अब स्कूल की तरफ से काफी दबाव डाला जा रहा है। उधर, स्कूल संचालक अनिल शर्मा का कहना है कि ऐसा कोई मामला ही नहीं हुआ है। मनोज अपना सर्टिफिकेट लेकर चले गए। संवाद