माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि जवानों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वह मंगलवार सुबह पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम को पुलिस लाइन में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में एएसपी वाईवीआर शशिशेखर, डीएसपी मुख्यालय रवि खुंडिया, डीएसपी शहर गुलाब, डीएसपी सीएडब्ल्यू दलीप व डीएसपी महम रिषभ सोढ़ी भी मौजूद रहे।
पुष्प अर्पित कर पहले शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी है। इसके बाद पुलिस गार्द ने सलामी देते हुए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद एसपी ने मौजूद श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस जवान जिन्होंने कर्तव्य को निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है, उनकी याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। सेवा व समाज सेवा करने का संकल्प लिया जाता है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डीएसपी रिषभ सोढ़ी ने बताया कि 1959 में लद्दाख में स्थित हाटस्प्रिंग नामक स्थान पर तैनात भारतीय पुलिसकर्मियों की एक टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने हमला कर दिया था।
हमले से अपनी पुलिस पोस्ट की सुरक्षा करते हुए वीर पुलिस जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर शौर्य की परंपरा व गाथा को कायम रखा है। एसपी ने शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों से मुलाकात की। शहीद होने वालों में निरीक्षक विजेंद्र सिंह, एएसआई जगदीश चंद्र, नरेंद्र सिंह, ईएचसी रामकिशन, सिपाही महावीर, मुख्य सिपाही राजसिंह व सिपाही राज सिंह के शौर्य का वर्णन किया गया।
हवलदार भीम सिंह : 1997 में शराब तस्करी रोकने में गई थी जान
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, 1997 में हवलदार भीम सिंह को सूचना मिली कि सिटी थाना क्षेत्र में भारी मात्रा में अवैध तरीके से शराब लाई जाएगी। पुलिस ने करतारपुरा में नाका लगाकर जांच शुरू की। इसी बीच एक मेटाडोर आई। चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय हवलदार भीम सिंह के ऊपर चढ़ा दी। इस तरह ड्यूटी के दौरान भीम सिंह ने अपनी जान दे दी।
एएसआई बलवान सिंह : आईएमटी में श्रमिकों के पैसे छीनने के आरोपी को पकड़ा तो मार दी गोली
जुलाई 2013 में खरावड़ पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई बलवान सिंह टीम के साथ गश्त पर आईएमटी क्षेत्र पहुंचे। खेड़ी साध से हनुमान मंदिर की तरफ आते समय तीन-चार प्रवासी श्रमिक मिले। नजदीक बाइक पर एक लड़का बैठा था। श्रमिकों ने एएसआई बलवान सिंह को बताया कि युवक ने जबरन पैसे छीनकर जेब में डाल लिए हैं। एएसआई ने युवक को पकड़कर गाड़ी में बैठने के लिए कहा तो उसने गोली चला दी। एक गोली सिपाही हरविंद्र व दो गोली एएसआई बलवान को लगीं। दोनों को पीजीआई लाया गया जहां बलवान सिंह को मृत घोषित कर दिया गया था। ...
हवलदार राजसिंह : अनूप मितराऊ को कोर्ट में पेश करते समय गई जान
साल 2003 में पुलिस ने सोनीपत जेल से अनूप मितराऊ को रोहतक कोर्ट में पेश किया था। गाड़ी से उतरकर अनूप सिंह को जब पुलिस की टीम अदालत में लेकर जा रही थी, तभी सीढि़यों के पास सामने से फायरिंग शुरू हो गई। इसमें अनुप मितराऊ व हवलदार राजसिंह की मौत हो गई थी। वारदात के पीछे गैंगवार बताया गया, क्योंकि लंबे समय से कृष्ण दिचाऊ गैंग व अनूप मितराऊ के बीच गैंगवार चल रहा था।
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एएसआई जगदीश चंद्र : कच्चा बेरी रोड पर दूसरे की जान बचाते हुए दी जान
साल 2006 में पुराना बस स्टैंड चौकी प्रभारी एएआई जगदीश चंद्र कच्चा बेरी रोड पर पहुंचे। उस समय शराब ठेके के सामने 10-12 युवक लाठी, चाकू व टूटी बोतलों से झगड़ा कर रहे थे। झगड़ा खत्म करने के लिए एएसआई जगदीश ने दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया। उसी दौरान हमलावरों ने एएसआई जगदीश के निशाना बनाकर हमला कर दिया। इस तरह जगदीश ने कानून की रक्षा के लिए अपनी जान दी।
सुनारिया में वीर पुलिसकर्मियों को किया नमन
रोहतक। सुनारिया पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में 66वां पुलिस शहीद दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम उन वीर पुलिसकर्मियों के लिए समर्पित रहा जिन्हाेंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश एवं समाज की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी।
बतौर मुख्य एंटी क्रप्शन ब्यूरो के एसपी विजय प्रताप ने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी को ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन एवं मानवता की भावना के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। इसके बाद पिछले एक वर्ष के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नामों की घोषणा की गई।
सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया गया। परेड कमांडर के रूप में डीएसपी कुलबीर सिंह ने नेतृत्व किया और परेड दल ने शहीदों को सलामी दी।
इस अवसर पर एसपीपीटीसी ध्यान सिंह, डीएसपी जगबीर सिंह, डीएसपी सोनू नरवाल, डीएसपी सुरेंद्र सिंह, डीएसपी कुलबीर सिंह, डीएसपी हरदीप सिंह सहित प्रशिक्षण केंद्र के सभी अधिकारी उपस्थित रहे। संवाद
15...सुनारिया पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में 66वें पुलिस शहीदी दिवस समारोह में वीर शहीदों को स