मेंटेनेंस का 'मीटर' चालू, सुविधाओं का 'इंजन' फेल
खेल सुविधाओं से लेकर पार्कों की कमी और झड़ते प्लास्टर से निवासी परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जेपी ग्रुप के जाने के बाद से अधूरी पड़ी जेपी की सभी परियोजनाओं में पैसा फंसा चुके शहरवासी परेशान हैं। इसमें से ही एक जेपी कॉसमॉस सोसाइटी है, यहां के निवासी जेपी ग्रुप के जाने के बाद सुरक्षा कंपनी की ओर से बढ़ाए जा रहे मेंटेनेंस चार्ज और घटती सुविधाओं से परेशान हैं।
सेक्टर-134 स्थित जेपी कॉसमॉस सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, करीब आठ हजार फ्लैट में से ढाई हजार फ्लैट में लोग रह रहे हैं। कुल 80 टावर हैं, जिसमें से करीब 60 टावर डिलीवर हो चुके हैं, इनमें करीब 8 हजार लोग रह रहे हैं। बीते करीब दो वर्षों से सुरक्षा कंपनी के पास रखरखाव की जिम्मेदारी है। निवासियों का कहना है कि परियोजना अभी भी अधूरी है, जिसमें क्लब हाउस, पार्क, खेल की सुविधाएं और बच्चों के लिए नर्सरी स्कूल विकसित नहीं किए गए। बतादें कि लोगों ने 2014 से सोसाइटी में रहना शुरू कर दिया था। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर लगातार मेंटनेंस बढ़ा रहा है लेकिन काम फिर भी अधूरा है। करीब दो साल पहले तक 1.80 प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से मेंटेनेंस लिया जाता था, उसके बाद यह बढ़कर 2 रुपये पहुंचा और अब उसे 2.40 रुपये प्रति स्क्वायर फीट बढ़ा दिया गया है।
कोट्स
एक्सपेंशन ज्वाइंट गल रहे हैं। मेंटेनेंस बढ़ाया जा रहा है लेकिन सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं। -सुनील भारद्वाज, पूर्व एओए अध्यक्ष
सोसाइटी में फ्लैटों से प्लास्टर के टुकड़े गिरते रहते हैं। मेंटेनेंस सही न होने से यह समस्या बढ़ गई है। -धर्मेंद्र चौधरी, पूर्व एओए अध्यक्ष
निवासियों को जितना बैकअप दिया गया, उसका सिर्फ 25 फीसदी ही मिलता है। इससे ब्लैक आउट हो जाता है। -रविशंकर प्रसाद, पूर्व महासचिव
परियोजना अभी भी अधूरी पड़ी है, उसे पूरा नहीं किया जा रहा है, जबकि मेंटेनेंस में लगातार इजाफा किया जा रहा है। -सचिन बाजपेयी, पूर्व कोषाध्यक्ष