ग्रेटर नोएडा। घरबरा स्थित रेवेरिया वैली गेस्ट हाउस में मिलीं पूर्वोत्तर निवासी चार युवतियों ने थाने में बयान दर्ज कराए हैं। युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें होटल में जॉब के नाम पर लाया गया था। गाजियाबाद निवासी बाउंसर अशोक ने उन्हें नौकरी का झांसा दिया था। उसकी सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले बिहार के पुष्पेंद्र की मौजूदगी में उनका शोषण किया जाता था। उनसे जबरन शराब परोसने और स्पा का काम कराया जाता था। युवतियों के इन बयानों के बाद उन्हें गवाह के तौर पर भी पुलिस पेश कर सकती है।
पुलिस के मुताबिक, घरबरा गांव स्थित गेस्ट हाउस में दबिश के दौरान छह युवतियां मिली थीं। इनमें दो नेपाल और चार पूर्वोत्तर निवासी हैं। इन युवतियों को आश्रय स्थल में रखा गया था। बीटा-2 थाने में बृहस्पतिवार को पूर्वोत्तर निवासी चार युवतियों के बयान दर्ज किए गए। इन्होंने बताया कि अशोक ने झांसा दिया था कि विदेशियों के लिए बनाए गए होटल में जॉब मिलेगी। उन्हें अच्छा वेतन मिलेगा। वह उनके साथ काम करने के लिए तैयार हो गईं लेकिन वहां आने के बाद उन्हें जबरन स्पा व शराब परोसने का काम कराया जाने लगा। विरोध करने पर सुरक्षा का काम करने वाला पुष्पेंद्र व अशोक उन्हें धमकाता था। युवतियों के बयान के बाद गिरफ्तार किए गए चीन के नागरिक व उसकी महिला मित्र व अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में एक और कड़ी जुड़ गई हैं। युवतियों के बयान और गवाही कोर्ट में आरोपियों को सजा दिलाने में मददगार साबित हो सकती है।
पुलिस ने नहीं पेश की रिपोर्ट, जमानत पर सोमवार को सुनवाई
पूरे मामले के सूत्रधार माने जा रहे रवि नटवरलाल ठक्कर की अग्रिम जमानत पर बृहस्पतिवार को जिला अदालत में सुनवाई होनी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित शर्मा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट पेश नहीं की। इसके चलते अब सोमवार को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। अहम है कि मामले में अदालत ने बीटा-2 पुलिस से पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की है। जांच में पता चला है कि रवि का पूरा नाम रवि करण है, जबकि पिता का नाम नटवरलाल। हालांकि वह अपने नाम के साथ भी नटवरलाल लिखता है। उसके पिता चार्टड अकाउंटेंट हैं।
पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अन्य एजेंसियां और विभाग भी अपने स्तर से जांच कर रही हैं। -लव कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्घ नगर