ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा गांव में भूमि घोटाले के बाद अब भूमाफिया दादरी के खंगौंड़ा समेत आसपास के गांवों में पट्टे की जमीनों के दस्तावेज में हेरफेर कर हड़पने में जुटे हैं। छह माह से इन गांवों में पट्टेदारों से जमीन की खरीद फरोख्त चल रही है। दबंगों के डर के कारण पीड़ित शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हैं। ग्रामीणों ने चिटहेरा घोटाले के साथ ही इन गांवों की जमीन के दस्तावेज की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि दादरी तहसील में चिटहेरा के बाद खंगौड़ा में सबसे अधिक ग्राम समाज की जमीन है। जिस दौरान चिटहेरा में पट्टे हुए थे। उस दौरान ही खंगौंड़ा गांव में भी भूमिहीनों को पट्टे हुए थे। आरोप है कि जिस तरह से चिटहेरा में दस्तावेज में हेरफेर कर भूमाफिया ने जमीन को अपने नाम करा लिया है।
उसी तरह से खंगौंड़ा, नूरपुर, धूम मानिकपुर समेत करीब छह गांवों में भ हेराफेरी का खेल चल रहा है। माफिया ने पट्टे की जमीन खरीदकर रकबा में भी छेड़छाड़ की है। पुराने रिकॉर्ड में ओवर राइटिंग कर जमीन के रकबे को बढ़ाया गया है। कई स्थानों पर दस्तावेज में तो अधिक जमीन है, लेकिन मौके पर कम भूमि बची है। ग्रामीणों का कहना है कि माफिया ने पट्टेदारों से जमीन खरीदकर दस्तावेज में हेराफेरी की है। रकबा बढ़ाने समेत जिस नाम से जमीन है। उस नाम के दूसरे व्यक्ति को सामने लाकर बैनामे कर लिए हैं। मामले की जानकारी होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हैं। इस बाबत राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पहले तैनात रहे अधिकारियों ने राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ होने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया। कार्रवाई करो तो आला अफसरों के फोन मामले को दबाने के लिए आ जाते हैं। ऐसे में मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।