लूट के आरोप में पकड़े गए आरोपी। संवाद
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फरीदाबाद। सेक्टर-58 थाना इलाके में करीब एक सप्ताह पहले फैक्ट्री से 30 लाख रुपये के तांबे के तार की लूट का मामला क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 ने सुलझा लिया है। वारदात का मास्टरमाइंड गिरीश उर्फ बंटी फैक्ट्री में पहले चौकीदार था। करीब तीन माह पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। बाद में उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंकज, जितेंद्र, रामनरेश और संजय के रूप में हुई है। पुलिस ने लूट का माल खरीदने वाले कबाड़ी आरिफ को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 10 बंडल तार बरामद हुए हैं।
एसीपी क्राइम सुरेंदर श्योराण के मुताबिक फैक्ट्री मालिक हिमांशु ने मामले की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि सेक्टर-59 में राजपूत केबल के नाम से बिजली की तार बनाने की फैक्ट्री है। करीब एक सप्ताह पहले फोरमैन हीरालाल फैक्ट्री में पहुंचे तो चौकीदार हाथ पैर बंधे पड़ा था। फोरमैन ने चौकीदार के हाथ-पांव खोले। चौकीदार ने बताया कि चार-पांच बदमाश रात को पिकअप गाड़ी लेकर फैक्ट्री में घुस गए थे। बदमाशों ने उसके हाथ पैर बांधकर जमीन पर पटक दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे घायल कर दिया। बदमाश फैक्ट्री से करीब 30 लाख रुपये से अधिक कीमत के तांबे के तार ले गए थे। बदमाशों ने फैक्ट्री से लगे डीवीआर और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिया था।
क्राइम ब्रांच-65 प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र ने टीम बनाकर आरोपियों को एसजीएम नगर से गिरफ्तार कर लिया। वारदात का मुख्य आरोपी गिरीश उर्फ बंटी उर्फ मोहित है। बंटी को फैक्ट्री की सारी जानकारी थी। आरोपी के खिलाफ पहले भी चोरी का मामला दर्ज है।
गिरीश को देखकर नहीं भौंका था रॉटविलर
फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। सेक्टर-59 में हुई 30 लाख रुपये कीमत के तांबे की लूट को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने साजिश रची थी। लूट के मास्टरमाइंड को फैक्ट्री के बारे में हर बात पता थी। उसने अपने साथियों को फैक्ट्री के पिछले गेट से अंदर दाखिल होने के लिए कहा। आरोपियों ने अंदर जाकर फैक्ट्री का ताला तोड़ दिया और अन्य आरोपियों को अंदर बुला लिया।
आरोपी गिरीश जानता था कि फैक्ट्री के मुख्य गेट पर रॉटविलर नस्ल का कुत्ता है। वह जानता था कि कुत्ते की नजर अगर आरोपियों पर पड़ जाती तो वह झपट पड़ता। फैक्ट्री में दाखिल होने के बाद गिरीश सबसे आगे रहा। कुत्ता उसे पहचानता था और देखकर भौंकने की बजाय पूंछ हिलाना शुरू कर दिया। दरअसल गिरीश फैक्ट्री में नौकरी करने के दौरान उसे खाना खिलाता था। फैक्ट्री में लूट के लिए आरोपियों को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। फैक्ट्री की सुरक्षा कारणों से सभी गोदाम व कार्यालयों की चाबी अलग अलग स्थान पर रखी जाती थी। गिरीश को सभी ठिकानों का पता था।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 प्रभारी रविंदर कुमार ने बताया कि आरोपी जब फैक्ट्री में दाखिल हुए तो सुरक्षाकर्मी अपने कमरे में था। आरोपियों ने पीछे से उसे पकड़ कर चुपचाप नीचे बैठ जाने का इशारा किया। संवाद