ग्रेटर नोएडा। तय समय पर फ्लैट पर कब्जा नहीं देने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने खरीदार को फ्लैट की कीमत 30.85 लाख रुपये, मानसिक क्षतिपूर्ति के तौर पर एक लाख और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने के आदेश बिल्डर को दिए हैं। फ्लैट की राशि पर 8 फीसदी ब्याज भी देना होगा।
दिल्ली के यूएनए एंक्लेव मयूर विहार निवासी मीनू सिंह चौहान ने लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की आवासीय योजना ब्लूसन कंट्री में फ्लैट संख्या जे 502 को रीसेल में नेहा कोहली से मार्च 2015 में खरीदा था। उन्हें बिल्डर की ओर से मई या जून 2015 तक कब्जा मिलने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि बताए गए समय पर कब्जा नहीं दिया गया साथ ही देरी से भुगतान किए जाने की बात कहकर 1.10 लाख रुपये ब्याज की मांग की गई। खरीदार के पूरा भुगतान करने पर भी जल्द कब्जा देने का आश्वासन दिया गया। इस पर खरीदार ने अपने बच्चे का दाखिला ब्लूसन कंट्री के नजदीकी स्कूल में करा दिया। बाद में बिल्डर ने जनवरी 2017 तक कब्जा देने की बात कही। इस पर खरीदार को बच्चे का दाखिला फिर से पुराने स्कूल में कराना पड़ा। इसमें उसके काफी पैसे लग गए। इसके बाद खरीदार ने आयोग के माध्यम से ब्याज सहित फ्लैट की राशि और 5 लाख रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने माना कि समय पर कब्जा नहीं देकर बिल्डर ने सेवा में कमी की।