रेवाड़ी। पर्यावरण संरक्षण के लिए लड़ाई लड़ रहे गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव की याचिका अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। दिल्ली स्थित नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रधान पीठ में दर्ज इस मामले पर 31 अक्तूबर को अंतिम सुनवाई होगी।
प्रकाश यादव ने यह याचिका साहबी नदी और उसके आसपास के पर्यावरण संरक्षण के लिए दायर की थी। उनका कहना है कि रेवाड़ी और धारूहेड़ा के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगातार अपरिष्कृत और प्रदूषित पानी साहबी नदी और मसानी बैराज में छोड़ रहे हैं। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह समाप्त हो गया है और आसपास के गांवों का भूजल भी दूषित हो चुका है।
उन्होंने बताया कि बार-बार शिकायत देने के बावजूद नगर परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। प्रकाश यादव के अनुसार कभी हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं को जोड़ने वाली साहबी नदी आज सीवरेज और औद्योगिक गंदगी का नाला बन चुकी है।
एनजीटी में दायर इस याचिका में कुल 14 विभागों को पक्षकार बनाया है जिनमें हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सरकार के साथ-साथ जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शामिल हैं।
प्रकाश इससे पहले भी अपने गांव के एतिहासिक जोहड़ के जीर्णोद्धार के लिए एनजीटी में याचिका दायर कर चुके हैं जिस पर कोर्ट ने करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया था।
एनजीटी के फैसले पर रहेगी नजर
एनजीटी की प्रधान पीठ की अंतिम सुनवाई होगी। यह सुनवाई इस दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है कि ट्रिब्यूनल यह तय करेगा कि साहबी नदी में प्रदूषित पानी का निर्वहन रोकने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सरकारों और विभागों को क्या-क्या ठोस कदम उठाने होंगे।
यदि एनजीटी इस मामले में सख्त दिशा-निर्देश जारी करता है तो यह निर्णय न केवल रेवाड़ी बल्कि पूरे हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली क्षेत्र में नदी संरक्षण और जल प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ऐतिहासिक मिसाल बन सकता है।
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याचिका में ये की गई हैं मांगें
-साहबी नदी में छोड़ा जा रहा संपूर्ण प्रदूषित जल तुरंत रोका जाए।
-सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की तकनीकी जांच व ऑडिट कराया जाए।
-नदी किनारों पर हुए अतिक्रमण हटाकर नदी का पुनर्जीवन कराया जाए।
-मसानी बैराज क्षेत्र के भूजल प्रदूषण की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
-दोषी विभागों व अधिकारियों पर पर्यावरणीय दायित्व के तहत कार्रवाई की जाए।
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प्रदूषण के खिलाफ इन्हें बनाया गया पक्षकार
मुख्य सचिव हरियाणा सरकार चंडीगढ़, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पंचकूला, नगर परिषद रेवाड़ी, जिला उपायुक्त रेवाड़ी, सिंचाई और जल संसाधन विभाग पंचकूला, जन स्वास्थ्य विभाग पंचकूला, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला, जिला विकास और पंचायत अधिकारी रेवाड़ी, राजस्थान सरकार, दिल्ली सरकार, जल शक्ति मंत्रालय हरियाणा, केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली