ग्रेटर नोएडा। हजरतपुर गांव में जमीन पर कब्जा लेने पहुंची ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों के हंगामे के बाद टीम को लौटना पड़ा। किसानों ने कहा कि हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में गांव की जमीन का अधिग्रहण निरस्त कर दिया था। उनके बाद दोबारा अधिग्रहण नहीं किया गया। उनका दावा है कि मामले में किसानों ने मुआवजा भी नहीं लिया है।
दादरी तहसील के हजरतपुर गांव में शनिवार सुबह करीब 10 बजे ग्रेनो प्राधिकरण की टीम जमीन पर कब्जा लेने पहुंची। बुलडोजर ने खेतों की मेड़ तोड़कर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई की सूचना गांव पहुंचते ही किसान, महिलाएं और बच्चे मौके पर पहुंच गए। किसानों ने जमीन पर कब्जा करने का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर हुए हंगामे के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम को लौटना पड़ा। प्राधिकरण इस जमीन पर कई गांवों के किसानों को 6 फीसदी भूखंड देने के लिए लेना चाहती है।
किसानों ने बताया कि हाईकोर्ट ने हजरतपुर गांव के अधिग्रहण को ही 2014 में निरस्त कर दिया था। किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा नहीं दिया गया था। जबकि अधिकांश किसानों ने मुआवजा ही नहीं लिया था। किसान नए अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती तब तक वह किसी भी हालत में जमीन पर कब्जा नहीं देंगे।