ताऊ-भतीजा हत्याकांड : हिस्ट्रीशीटर मनोज नागर की गैंग में शामिल था आरोपी, स्विफ्ट कार और तमंचा बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा/दादरी। जारचा कोतवाली पुलिस ने सैंथली गांव में ताऊ-भतीजे की हत्या में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आनंदपुर गांव की पुलिया के पास से गिरफ्तार कोट गांव निवासी निखिल बरहेला (25) वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार चला रहा था। वह फायरिंग में भी शामिल था। फिलहाल मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। टीमें उनकी तलाश कर रही हैं।
उससे सफेद रंग की बिना नंबर वाली स्विफ्ट कार, तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी हिस्ट्रीशीटर मनोज नागर की गैंग में शामिल था। वह लोगों को डराता-धमकाता था।
दिवाली के दिन सैंथली गांव में नाली के पानी के विवाद में दादरी निवासी अजयपाल और उनके भतीजे दिपांशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में पड़ोसी प्रिंस भाटी, बॉबी तोमर, मनोज नागर समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश निखिल घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट कार चला रहा था और फायरिंग में भी शामिल था। पुलिस बरामद कार के संबंध में जांच कर रही है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़ित परिवार की मांग, आरोपियों के घर पर चले बुलडोजर
परिजन ने प्रिंस भाटी व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके एनकाउंटर की मांग की है। परिजन का कहना है कि आरोपियों ने कई जगह पर अवैध कब्जा कर रखा है इसलिए उनके घरों पर बुलडोजर चले। उन्होंने कहा कि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे पुलिस आयुक्त से मिलेंगे। परिजन का कहना है कि पुलिस ने 24 घंटे का वक्त मांगा था लेकिन अबतक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
दिल्ली में सरेंडर करने की फिराक में आरोपी
परिजन का कहना है कि आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। अगर वह समय रहते नहीं पकड़े गए तो वह दिल्ली में सरेंडर कर सकते हैं। इनमें से एक बदमाश पहले एक मामले में ऐसा कर चुका है। जानकारी के मुताबिक, एक पक्ष के घर पर फायरिंग और गालीगलौज के मामले में जेल में बंद थे। इस साल फरवरी में जब उन्हें जमानत मिली थी तो मनोज नागर की गैंग के बदमाशों ने जेल से छूटे लोगों पर परिसर के बाहर ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र फायरिंग कर दी थी। इसमें राहगीर की मौत हुई थी जबकि दो लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में बुलंदशहर के प्रिंस खटाना (25) व अभिषेक के अलावा हरिद्वार के सौरभ को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस दौरान आरोपी मनोज नागर ने दिल्ली में सरेंडर किया था। इस बार भी उसके दिल्ली में सरेंडर करने की तैयारी की बात सामने आ रही है। पुलिस भी गिरोह में शामिल लोगों की कुंडली खंगाल रही है। ईकोटेक-3 कोतवाली से भी उसका आपराधिक इतिहास मांगा है। दिल्ली स्थित संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा।
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प्रिंस पर मनोज नागर का हाथ
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी प्रिंस भाटी को मनोज नागर का पूरा समर्थन मिला। जैसे ही प्रिंस ने विवाद के संबंध में मनोज को सूचना दी वैसे ही वह अपने साथियों के साथ सैंधली गांव पहुंचा था। आरोपी ने बीच-बचाव करने आए ग्रामीणों को भी धमकाया था। इसके साथ ही प्रिंस भाटी को हथियार देकर उसे फायरिंग के लिए प्रेरित किया था। प्रिंस भी मनोज नागर की तरह क्षेत्र में दबदबा बनाना चाहता है।