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Noida News: सार्वजनिक परिवहन में बढ़ रहा इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा

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सार्वजनिक परिवहन में बढ़ रहा इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा
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- इनके संचालन से प्रदूषण पर काफी हद तक लगेगी लगाम, विभाग इसे बढ़ावा देने के लिए कर रहा जतन

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल सार्वजनिक परिवहन में खासा बढ़ रहा है। बीते एक वर्ष में इसमें खासा उछाल देखने को मिल रहा है। अहम है सार्वजनिक परिवहन के नाम पर शहर में ऑटो, ई-रिक्शा व एप आधारित कैब का संचालन ही होता है। इन तीनों श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में खासा बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में अब प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।

अहम है कि परिवहन विभाग इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रहा है। इसका संचालन बढ़ाने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर लगने वाली कई बंदिशों को दरकिनार कर दिया गया है। परमिट शर्तों से छूट हो या पंजीकरण में लगने वाले टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट, विभाग हर स्तर पर इसे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। वहीं, विभाग को इसका अच्छा परिणाम भी देखने को मिल रहा है। इस वर्ष आठ माह में 3899 ई-रिक्शा और 3303 ई ऑटो समेत 1207. इलेक्ट्रिक कैब पंजीकृत हो चुकी हैं। जबकि 2023 के आठ माह के दौरान 3200 ई-रिक्शा 1100 ई-ऑटो, 244 कैब ही पंजीकृत हुई थीं। वर्तमान में कुल कॉमर्शियल वाहनों की संख्या 1.30 लाख है। इसमें से करीब 40 हजार वाहन इलेक्टि्रक हैं। यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा बताते हैं कि कॉमर्शियल वाहनों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का बोलबाला है।
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इसलिए भरोसा जता पा रहे लोग
अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने का मुख्य कारण विभाग द्वारा हटाए गए नियम हैं। यानी ई-रिक्शा और ई-ऑटो लोग बिना परमिट के ही चला पा रहे हैं। वहीं, टैक्स में मिल रही छूट उनके लिए सोने पर सुहागा है। ऐसे में लोग अब अन्य वाहनों को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।


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