फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटा की चाहत भी कम नहीं... पिछले चुनाव में मतदाताओं ने खूब दबाया था

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा। यूपी विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान की तारीख बहुत नजदीक है। सभी दलों के प्रत्याशियों ने भी अपने प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत झोंक दी है। सभी प्रत्याशी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में अपने चुनाव चिन्ह को दबाकर जीत दिलाने की अपील मतदाताओं से कर रहे हैं। इसी ईवीएम में एक बटन ऐसा भी है, जो अपना प्रचार तो नहीं करता, लेकिन उसके चाहने वालों की भी लंबी फेहरिस्त है। यह बटन है नोटा का। नोटा यानी उपरोक्त में से कोई नहीं। इस बटन को दबाकर मतदाता अपनी मंशा जाहिर कर देता है कि इस विधानसभा सीट से एक भी प्रत्याशी ऐसा नहीं है, जिसे वह नेता के रूप में देखना चाहता है।
विज्ञापन

2017 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो नोटा ने तीनों विधानसभा सीटों पर अपना भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों को धूल चटाई थी। यह भी एक इत्तेफाक ही है कि नोटा नोएडा विधानसभा में चौथे और जेवर पांचवें नंबर पर रहा था। इसी प्रकार दादरी विधानसभा सभा सीट से भी नोटा ने छठा नंबर हासिल कर बता दिया था कि मतदाताओं में उसकी चाहत कम नहीं है। नोएडा में तो हालत यह थी कि नोटा ने राजनीतिक दल राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी को भी पछाड़ दिया था। नोटा को रालोद प्रत्याशी से भी ज्यादा वोट मिले थे। नोएडा विधानसभा सीट से पिछली बार 14 प्रत्याशी थे। वहीं 15वां नोटा था। यहां नोटा चौथे नंबर पर रहा था।
दादरी विधानसभा सीट से भी प्रत्याशियों का आंकड़ा यही था। यहां नोटा छठे नंबर पर रहा था। जेवर में कुल आठ प्रत्याशी थे। यहां नोटा पांचवें नंबर पर रहा था। चुनाव आयोग द्वारा वर्ष 2013 से शुरू की गई नोटा की व्यवस्था का कद अब बढ़ता ही जा रहा है। एक याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक ईवीएम में नोटा का बटन लगाने का आदेश दिया था। पिछले विधानसभा चुनाव में इसका पहली बार ही प्रयोग किया गया था। माना जा रहा है कि इस बार भी नोटा अपना कमाल दिखा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें