माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला बार एसोसिएशन के संविधान को बैठक में मंजूरी मिल गई। कुछ मामूली बदलाव के साथ संविधान को लागू किया जाएगा। जिसमें बैठक में आई आपत्तियों का निस्तारण और सुझाव को शामिल किया जाएगा। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि संविधान लागू कर अधिवक्ताओं के अधिकारों को सुरक्षित किया गया है।
पानीपत बार एसोसिएशन द्वारा पानीपत का लिखित संविधान बनाया गया है। आठ सदस्यों की ड्राफ्टिंग कमेटी ने संविधान का मसौदा तैयार किया। वीरवार को मसौदे पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। दोपहर बाद करीब एक बजे बार संघ के सभागार में बैठक हुई। जिसमें जिला बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दुहन ने संविधान का मसौदा पेश किया। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन के संविधान को नौ भागों में विभाजित किया गया है। जिसमें 38 अनुच्छेद और 14 नियम बनाए गए हैं। इसके बाद उन्होंने इस पर आपत्ति और सुझाव देने के लिए सभी अधिवक्ताओं से आग्रह किया। अधिवक्ताओं ने एक-एक कर अपने सुझाव और आपत्ति दर्ज कराई। जिसमें जसबीर मान ने चुनाव लड़ने और नए अधिवक्ताओं को सदस्य बनाए जाने पर अपने सुझाव दिए। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के चैंबर के आवंटित करने के प्रस्ताव पर भी सुझाव दिए। इसके साथ ही शेर सिंह शर्मा, सुनील शर्मा ने भी अपने सुझाव दिए। ज्यादातर अधिवक्ताओं ने मामूली बदलाव कर संविधान को अधिक स्पष्ट करने को कहा।
वहीं, संविधान में महिला अधिवक्ताओं के लिए कार्यकारिणी में एक पद आरक्षित करने की मांग की गई। जिस पर सभी ने विचार कर एक पद को आरक्षित करने पर सहमति जताई। लेकिन कौन सा पद होगा इस पर कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। वहीं संविधान नए अधिवक्ताओं को वोट का अधिकार देने वाले मुद्दे पर भी चर्चा की गई। प्रावधान किया गया था कि चुनाव की घोषणा से छह माह पहले सदस्य बनने पर ही वोट का अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही कम से कम पांच वकालतनामा या तीन मामलों के आदेश में नाम आने पर ही वोट डालने का अधिकार मिलेगा। जिस पर अधिवक्ताओं ने चर्चा में कहा कि कुछ लोगों के पास काम नहीं हैं तो वह कैसे वोट डालने के पात्र होंगे। जिस पर प्रधान ने छह माह को घटाकर चार माह करने और नए अधिवक्ताओं को वकालतनामा की शर्त से मुक्त कर दिया। लेकिन, दूसरी बार से आने वाले अधिवक्ताओं पर यह लागू रहेगा। जिस पर सहमति बन गई। इसके बाद प्रधान ने संविधान में सुझावों को शामिल करते हुए लागू करने का निर्णय लिया।
संविधान के मसौदे पर बैठक में चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने अपने अपने सुझाव दिए। जिन्हें संविधान में शामिल करते हुए संविधान को लागू कर दिया गया।
-सुरेंद्र दुहन, प्रधान जिला बार एसोसिएशन पानीपत।