एनबीआरआई में आयोजित सीएसआईआर-स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन अवसर पर मौजूद सीएम योगी आदित्यना
लखनऊ। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनऊ की पहचान अब केवल इमामबाड़ा और भूलभुलैया तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब सीडीआरआई और एनबीआरआई जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों से भी है। सीडीआरआई ने कैंसर और फैटी लिवर पर दवा विकसित की है जबकि सीमैप से निकली मिंट की गोली ने पूरी दुनिया में पहचान बनाई है।
डॉ. जितेंद्र सोमवार को एनबीआरआई में आयोजित सीएसआईआर-स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में लाल किले से ‘स्टार्टअप इंडिया’ का आह्वान किया था। आज देश में दो लाख से ज्यादा स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें 60 प्रतिशत महिलाएं संचालित कर रही हैं। लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से सामने आ रहे हैं। मंत्री ने बताया कि लखनऊ में बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्रियल पार्क और एक साइंस म्यूजियम स्थापित करने की योजना है। साथ ही बोटैनिकल गार्डन में दुनिया का पहला ऐसा स्थल तैयार किया जाएगा, जहां बारहों महीने हर किस्म का कमल खिलेगा।
g तकनीक हस्तांतरण और नए उत्पाद लॉन्च :सीएसआईआर-एनबीआरआई ने कई तकनीकें उद्योगों को हस्तांतरित कीं, जिनमें कमल नमो-108 की एग्रो टेक्नोलॉजी, पोर्टेबल वाटर एनालिसिस किट, ग्रीन पटाखा और सूक्ष्मजीवी बायोफर्टिलाइजर शामिल हैं। संस्थान ने हर्बल लिक्विड सिंदूर, हर्बल नैनो सीरम, सूक्ष्मजीवी इनोकुलेंट और पिंक गोल्ड टी जैसे उत्पाद भी लॉन्च किए।
सीमैप व आईआईटीआर की पहल
सीमैप ने कालमेघ और पचौली की नई प्रजातियों का विमोचन किया। इसी तरह, सीएसआईआर-आईआईटीआर और विभिन्न कंपनियों के बीच एमओयू साइन हुए, जो पौध-आधारित पर्सनल केयर उत्पाद, बायोलॉजिक्स की आपूर्ति प्रणाली और नैदानिक डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म पर काम करेंगे। वहीं, सीएसआईआर-सीडीआरआई ने एकेटीयू और अन्य संस्थानों के साथ एमओयू किए, जिनसे इनोवेशन व रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
एनबीआरआई में आयोजित सीएसआईआर-स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन अवसर पर मौजूद सीएम योगी आदित्यना