नव आरंभ फाउंडेशन की ओर से उर्दू अकादमी के प्रेक्षागृह में सोमवार शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे का
लखनऊ। नव आरंभ फाउंडेशन की ओर से उर्दू अकादमी के प्रेक्षागृह में सोमवार शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन हुआ। मशहूर लेखक और कवि नीलोत्पल मृणाल के साथ ही शायर अजहर इकबाल समेत अन्य कवियों-शायरों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं से खूब झुमाया। संयोजन वंदना वर्मा अनम का रहा। संचालन डॉ. हिलाल बदायूंनी ने किया।
नीलोत्पल मृणाल ने अपनी मशहूर रचना उस दौर का जादू क्या जाने... सुनाई तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने सुनाया दिल टूटे तो बिस्तर पर ही झील बनाने वाले लड़के, उस दौर का जादू क्या जाने रील बनाने वाले लड़के। शायर अजहर इकबाल ने सुनाया- इतना संगीन पाप कौन करे, मेरे दुख पर विलाप कौन करे, चेतना मर चुकी है लोगों की, पाप पर पश्चाताप कौन करे। युवा कवि योगेंद्र योगी ने अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही लूटी। उन्होंने सुनाया- पल भर में ही जीवन साथ बिताएंगे, हम जब तुमको अपने साथ बिठाएंगे, दुनिया जलती है मरती है मरने दो, दस नब्बे पर फोटो साथ खिंचाएंगे। इसके अलावा बिलाल सहारनपुरी, खुर्शीद हैदर, फैज खुमार बाराबंकवी, ओंकार शर्मा और दर्द फैज खान ने भी अपनी कविताओं और शायरी से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया।
नव आरंभ फाउंडेशन की ओर से उर्दू अकादमी के प्रेक्षागृह में सोमवार शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे का
नव आरंभ फाउंडेशन की ओर से उर्दू अकादमी के प्रेक्षागृह में सोमवार शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे का
नव आरंभ फाउंडेशन की ओर से उर्दू अकादमी के प्रेक्षागृह में सोमवार शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे का