अदालत ने आरोपी बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के दिए आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पैसे लेकर भी प्रोजेक्ट में कॉमर्शियल यूनिट न देने और किसी और बिल्डर को बेच देने के मामले में अदालत ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अर्जुन मावी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के दीपक नवानी ने 9 जुलाई 2019 को थाना एक्सप्रेस वे क्षेत्र में अलीशा इन्फ्राटेक और वायवेबर लिमिटेड के प्रोजेक्ट में 125 मीटर कॉमर्शियल यूनिट 19.24 लाख रुपये देकर बुक कराई थी। बिल्डर पक्ष की ओर से डायरेक्टर अमित मावी, योगेश मलिक, अरुण मावी, राम प्रकाश मावी, कामेश भड़ाना की ओर से एग्रीमेंट किया गया। यूनिट को सन 2022 में देने की बात कही। 24 नवंबर 2023 को पता लगा कि बिल्डर कंपनी ने यह प्रोजेक्ट साया सीमेंटेशन को बेच दिया है। साया सीमेंटेशन के नोएडा सेक्टर-129 में आफिस पर पहुंच कर जानकारी की तो वहां बताया गया कि बिल्डर कंपनी लोगों से प्रोजेक्ट में पैसा लेकर चली गई है। जब बिल्डर से पैसा वापस करने के लिए कहा गया तो पीड़ित को धमकाया गया। पुलिस से शिकायत की गई लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन नूपुर श्रीवास्तव की अदालत में गुहार लगाई है। इसके बाद अदालत ने थाना एक्सप्रेस वे को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।