ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-137 स्थित पूर्वांचल रॉयल सोसाइटी की पहली मंजिल पर रहने वाली महिला का शव बुधवार तड़के संदिग्ध हालात में फ्लैट के नीचे ग्रीन बेल्ट में मिला। गार्ड ने शव को देखकर पति और पुलिस को सूचना दी। परिवार ने महिला की दो दिन पहले गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। वहीं, सूचना पाकर डीसीपी हरीश चंदर, एडीसीपी इलामरन जी, नोएडा सेक्टर-142 थाना पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जांच की और पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के छाती में चोट लगने से मौत की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, सोसाइटी के टावर नंबर चार निवासी विजेंद्र प्रसाद नोएडा की एक कंपनी में सेल्स मैनेजर हैं। पत्नी ममता (47) एमसीए थी। कुछ साल पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। विजेंद्र का एक बेटा 11वीं व दूसरा 8वीं कक्षा में है। परिवार सोसाइटी की पहली मंजिल पर रहता है। यहीं से सीढ़ी के बराबर में ही फ्लैट है। सीढ़ियों के पास ही ग्रीन बेल्ट है। इसी जगह सुरक्षा गार्ड ने बुधवार सुबह छह बजे ममता का शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। शव बालकनी से दो-तीन मीटर दूर पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के सीने में चोट लगने से मौत की बात कही गई है। यह चोट पहली मंजिल से गिरने से भी आ सकती है या किसी के वार से भी आ सकती है।
9 मई से गायब थी ममता
पति विजेंद्र प्रसाद ने बताया कि 9 मई की सुबह से ममता गायब थी। उन्होंने आसपास और रिश्तेदारों के पास ढूंढा तो वह नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पहले पुलिस चौकी और बाद में थाना सेक्टर-142 थाने में गुमशुदगी दर्ज करवा दी।
बिना बताए उत्तराखंड चली गई थी
पुलिस के अनुसार, ममता मानसिक परेशानी से गुजर रही थी। कुछ दिन पहले वह परिवार को बताए बिना उत्तराखंड चली गई थी और मंदिरों में दर्शन किए थे। दो से तीन दिन गुजरने के बाद ममता ने परिवार के एक व्यक्ति को कॉल कर जानकारी दी तो परिजन ममता को ले आए थे। परिजनों ने इसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।
48 घंटे तक पड़ा रहा शव, किसी को नहीं लगी भनक
महिला का शव बालकनी के नीचे ग्रीन बेल्ट पर मिला है। प्रतिदिन सीढ़ियों से बड़ी संख्या में निवासी उतरते-चढ़ते हैं, लेकिन किसी की नजर शव पर नहीं पड़ी। पॉश सोसाइटी में भले ही बहुत सी सहूलियतें हों, लेकिन सोसाइटी में पार्क की ओर से एंट्री की तरफ सीसीटीवी कई स्थानों को कवर ही नहीं करता। पुलिस ने अंदेशा जताया है कि ममता की गिरकर मौत हो सकती है, जबकि सीढ़ियों के बगल में स्थित ग्रीन बेल्ट से मात्र दस कदम की दूरी पर ही गार्ड बैठता है। आठ मई की रात से लेकर नौ की सुबह तक यदि महिला ग्रीन बेल्ट में गिरी है तो उसके गिरने की आवाज गार्ड के कानों में भी नहीं पड़ी।
छह से आठ घंटे में आने लग जाती है बदबू
विशेषज्ञों का कहना है कि मौत के छह-आठ घंटे बाद शव डि-कंपोज होना शुरू हो जाता है। तेज बदबू आने लगती है। ऐसे में सवाल यह है कि किसी को यहां से निकलते-बैठते 48 घंटे तक दुर्गंध तक नहीं आई। दूूसरी तरफ, महिला ममता के भाई नवनीत भी इसी सोसाइटी के निवासी हैं। पति, महिला के भाई समेत अन्य रिश्तेदारों ने शहर भर में महिला को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन फ्लैट के आस-पास नहीं ढूंढा गया।