शादी में नहीं पहुंचा था बैंड, अब आठ साल बाद होगी वसूली
ग्रेटर नोएडा। जेवर निवासी एक व्यक्ति ने वर्ष 2012 में बेटे की शादी के लिए बैंड बुक किया, लेकिन शादी वाले दिन नहीं पहुंचा और न ही बुकिंग राशि वापस की। मामला जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा। आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए बैंड कंपनी को धनराशि लौटाने का आदेश जारी किया, जिसकी पालना नहीं की। अब आयोग ने 4500 रुपये का रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किया है। वहीं, दो बिल्डर और एक अस्पताल के खिलाफ भी आरसी जारी की गई है।
जेवर निवासी हरवीर सिंह ने वर्ष 2012 में बेटे की शादी के लिए 3500 रुपये में बैंड की बुकिंग की थी। बैंड के नहीं पहुंचने और बुकिंग राशि वापस नहीं करने पर हरवीर सिंह ने गोपाल बैंड व गोपाल बग्गी निवासी मैन चौराहा ककोड़ के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 18 जुलाई, 2016 को बैंड कंपनी को ब्याज समेत 4500 रुपये लौटाने का आदेश दिया, लेकिन बैंड कंपनी ने ऐसा नहीं किया। अब आयोग ने 4500 रुपये की आरसी जारी की है। जिलाधिकारी को 28 जनवरी तक राशि की वसूली कर जमा करने का आदेश दिया है।
आयोग ने एक अस्पताल के खिलाफ भी आरसी जारी की है। नवीना देवी ने वर्ष 2017 में हल्दौनी स्थित अपना अस्पताल के खिलाफ वाद दायर किया था। आरोप था कि उसका गलत ऑपरेशन किया गया। सुनवाई के बाद 22 जुलाई, 2017 को आयोग ने अस्पताल को 3.90 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया। पैसा वापस नहीं करने पर अब आयोग ने आरसी जारी की है। जिला प्रशासन को दो फरवरी, 2021 तक वसूली करनी होगी।
वारंट पर पेश नहीं हुआ बिल्डर, आरसी जारी
आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर ने ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के डॉयरेक्टर के खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद भी बिल्डर आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। ऐेसे में आयोग ने 24.15 लाख रुपये की आरसी जारी की है। बिल्डर ने बुकिंग के बाद फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया और पैसा भी नहीं लौटाया था। खरीदार दीपेन्द्र कुमार सिंह ने आयोग में वाद दायर किया था। प्रशासन को छह जनवरी तक राशि वसूली करनी होगी। वहीं, खरीदार गौरव के प्रार्थना पत्र पर आयोग ने साइट-4 स्थित बिल्डर बीडी ग्रीन को पैसा वापस लौटाने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ भी आयोग ने एक लाख रुपये की आरसी जारी की है।