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टेंट टूटे, बिस्तर भीगे पर नहीं डिगा किसानों का हौसला

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सेक्टर-14ए स्थित चिल्ला बार्डर पर गिरे किसानों के टेंट।
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टेंट टूटे, बिस्तर भीगे पर नहीं डिगा किसानों का हौसला
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नोएडा। भीषण ठंड में हुई बारिश भी किसानों के गर्म तेवरों को ठंडा नहीं कर सकी। रविवार तड़के से दोपहर तक हुई बारिश से चिल्ला बॉर्डर और दलित प्रेरणा स्थल पर किसानों का बसेरा बने टेंट टूट गए और बिस्तर भीग गए। दलित प्रेरणा स्थल में कुछ किसान तंबू गिरने से घायल हुए तो कुछ किसानों को सर्दी-जुकाम भी हो गया, लेकिन इतनी परेशानियों के बावजूद किसानों का हौसला नहीं डिगा। किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार जब तक तीनों कानूनाें को वापस नहीं लेगी धरना जारी रहेगा।
जिले के साथ ही प्रदेशभर के किसान रविवार को सुबह से ही धरनास्थल पर जुटने लगे थे। दिल्ली से किसानों के समूह जायजा लेने और मदद पहुंचाने धरनास्थल पहुंचे। शाम करीब 5 बजे से यूपी से सिख किसान, किसान अधिकार-युवा रोजगार आंदोलन संगठन के लोग समर्थन देने के लिए पहुंचे। जय जवान, जय किसान के नारे भी लगे। भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव बेगराज गुर्जर ने बताया कि किसानों के आंदोलन के समर्थन में जनांदोलन लगातार बढ़ रहा है। किसान मांग पूरी न होने तक किसी सूरत में झुकने वाला नहीं है।
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किसान संगठनों व एनजीओ ने भेजा खाना
किसान राजेश ने बताया कि रविवार सुबह पांच बजे तेज बारिश हुई। जगह-जगह पानी हटाकर किसान खड़े होने या बैठने की व्यवस्था करते नजर आए। आंदोलन स्थल पर छाई दिक्कतों के कारण दिल्ली से किसान संगठन व कुछ एनजीओ खाने पीने का सामान और टेंट आदि लेकर पहुंचे।
जलभराव के बीच दंड बैठक
बारिश व जलभराव के बावजूद आंदोलन स्थल पर जबरदस्त जोश नजर आया। विभिन्न शहरों के लोग धरनास्थल पर पहुंचे। कोई किसान रागनी गाता नजर आया तो किसी ने दंड बैठक लगाई।
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दिनभर चला बैठकों का दौर
धरने के 34वें दिन किसानों के बीच आगे की रणनीति को लेकर गहन विचार विमर्श हुआ। भाकियू के यूपी प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि आंदोलनकारियों का हौसला न सरकार तोड़ सकती है न ही मौसम। जैसे-जैसे समय बीत रहा है किसानों का आक्रोश बढ़ रहा है। धरनास्थल पर अन्य संगठनों के लोग भी विचार-विमर्श व सहयोग के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार को सरकार के साथ वार्ता होनी है। यदि कोई सहमति नहीं बनी तो आंदोलन उग्र होगा।
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