ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैयारी शुरू, बढ़ सकती है प्रोजेक्ट की लागत
एडवांस नंबर प्लेट रिकाॅग्निशन सिस्टम से लैस होंगे कैमरे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेफ सिटी परियोजना और समेकित यातायात प्रबंधन परियोजना-आईटीएमएस के तहत पूरे ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाया जाएगा। इस पर करीब 227 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले दिनों एक कंपनी के अनुमानित बजट से अधिक बोली लगाने के बाद प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब दोबारा कंपनियों से प्रस्ताव मांगने जा रहा है। अगले महीने की शुरुआत में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकती है। पहले से तय बजट के बढ़ने की भी संभावना है।
परियोजना के तहत 350 लोकेशन पर 2700 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इनकी मदद से ट्रैफिक प्रबंधन भी किया जा सकेगा। कैमरों को लगाने के लिए जरूरी ट्रायल भी कंपनियां अलग-अलग लोकेशन पर कर चुकी हैं। अब नए सिरे से अनुभवी कंपनी के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू होगी।
इस परियोजना में शहर के प्रमुख इलाके, सड़कें और रोटरी शामिल की गई हैं। खासतौर पर परी चौक, एलजी चौक, अमृतपुरम, जगत फार्म, सूरजपुर, कासना, नालेज पार्क के अलावा ग्रेनो वेस्ट के चार मूर्ति चौक, एक मूर्ति चौक, बिसरख, डीमार्ट रोटरी आदि पर कैमरे लगाए जाने है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक्सप्रेसवे, जीरो प्वाइंट, शहर के प्रवेश द्वार भी कवरेज में लाए जाने हैं। सभी कैमरे जहां एडवांस नंबर प्लेट रिकाॅग्निशन सिस्टम से लैस होंगे। वहीं, इनके लिए एक कंट्रोल रूम भी ग्रेनो प्राधिकरण में बनेगा।
कोट
प्रोजेक्ट मॉडल के रूप में विकसित करना है। इसलिए पूरी दुनिया में प्रचलित तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित करना है। सिस्टम को लगाने के लिए तीन बड़ी कंपनियां संपर्क में हैं। जिस कंपनी ने तय लागत से अधिक की बिड की, उसे चयन प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। जल्दी ही काम शुरू हो, इसके लिए दोबारा से प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। -रवि कुमार एनजी, सीईओ, ग्रेनो प्राधिकरण