आरोप है कि मौके पर लिफ्ट ऑपरेटर नहीं था। लिफ्ट खोलने की जिम्मेदारी प्लंबर को दी गई। जो लिफ्ट खोलने में नाकामयाब रहा। बाद में लोहे की रॉड से गेट को जबरदस्ती खोलकर किशोर को किसी तरह से बाहर निकाला गया।
ग्रेनो वेस्ट की सेवियर ग्रीन आर्क सोसाइटी के टावर एफ की लिफ्ट में करीब 90 मिनट तक किशोर (16) फंसा रहा। उसने किसी तरह पिता को फोन कर सूचना दी। जिसके बाद मेंटेनेंस टीम को बुलाया गया। आरोप है कि मौके पर लिफ्ट ऑपरेटर नहीं था। लिफ्ट खोलने की जिम्मेदारी प्लंबर को दी गई। जो लिफ्ट खोलने में नाकामयाब रहा। बाद में लोहे की रॉड से गेट को जबरदस्ती खोलकर किशोर को किसी तरह से बाहर निकाला गया। पुलिस ने मेंटेनेंस टीम को व्यवस्था दुरुस्त कराने की हिदायत दी है।
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एफ टावर की 13वीं मंजिल निवासी निशीथ द्विवेदी ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे बेटा लिफ्ट से नीचे जा रहा था। 8वीं मंजिल पर लिफ्ट झटके के साथ रूक गई। काफी देर तक इंतजार के बाद भी लिफ्ट नहीं चली। कुछ देर बाद सुरक्षाकर्मी को फोन किया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। करीब 20 मिनट बाद बच्चे ने अपने पिता को फोन कर लिफ्ट में फंसे होने की जानकारी दी।
जान जोखिम में डालकर किशोर को बाहर निकाला
लिफ्ट का दरवाजा ज्यादा नहीं खुल रहा था। थोड़ा दरवाजा खुलने के बाद बच्चे को लिफ्ट के निचले हिस्से से लिटाकर निकाला गया। निवासियों का कहना है कि अगर उस समय लिफ्ट अगर नीचे या ऊपर के लिए चल जाती तो बच्चे को बचाना मुश्किल हो जाता। बच्चा फंस जाता। घटना के बाद से निवासियों में बिल्डर के खिलाफ हंगामा किया। बिसरख कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निवासियों को शांत कराया।