इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में परिणाम आधारित शिक्षा व पाठ्यक्रम पर पांच
लखनऊ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (निट्रा) भोपाल की प्रो. अंजू रावली ने कहा कि शिक्षक की भूमिका अब केवल पढ़ाने तक नहीं रह गई है। शिक्षक योजना बनाने वाले, पथ प्रदर्शक और सुविधा प्रदाता की भूमिका में होना चाहिए। परिणाम आधारित शिक्षा का मूल उद्देश्य स्वत: रोजगार पैदा करना भी है।
वे इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में परिणाम आधारित शिक्षा व पाठ्यक्रम पर पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के समापन सत्र को संबोधित कर रहीं थीं। एनईपी 2020 के तहत आयोजित एफडीपी में उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य केवल थ्योरी पर केंद्रित नहीं होकर प्रयोगात्मक आधारित शिक्षा पर अधिक होना चाहिए। शिक्षक को सीखना, फिर विकास करना और फिर प्रदर्शन करना, इस योजना पर काम करना है।
आईईटी निदेशक प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में निश्चित रूप से यह कदम अतिमहत्वपूर्ण रहेगा। एफडीपी में प्रदेश के विश्वविद्यालयों व शैक्षिक संस्थाओं के 60 से अधिक शिक्षकों ने शिरकत की। इसमें प्रो. बद्रीलाल गुप्ता, प्रो. डॉ. एमए रिजवी, प्रो. संजय अग्रवाल, प्रो. अनुराग त्रिपाठी, डॉ. अदीब उद्दीन अहमद, डॉ. अदिति शर्मा, प्रो. वीरेंद्र पाठक, प्रो. शैलेंद्र सिन्हा आदि ने अपने विचार रखे।
इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में परिणाम आधारित शिक्षा व पाठ्यक्रम पर पांच