औद्योगिक विकास की तस्वीर और रुझान पता करने के लिए हर इकाई का सर्वे
इनवेस्ट यूपी ने शुरू करवाया जिले के तीनों प्राधिकरण क्षेत्र में सर्वे, 15398 औद्योगिक इकाईयों में जाएंगी टीमें
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के औद्योगिक क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और विकास का रूझान जानने के लिए इनवेस्ट यूपी ने रियल टाइम सर्वे शुरू करवाया है। इस सर्वे में टीमें डोर-टू-डोर हर औद्योगिक इकाई में जाएंगी। मौके पर इकाई की स्थिति, प्लॉट पर निर्माण, बिजली खपत, उत्पादन और रजिस्ट्रेशन को देखा जाएगा।
इस तरह से सुव्यवस्थित आंकड़े नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के तैयार हो जाएंगे। तीनों ही प्राधिकरण में अभी तक 15398 औद्योगिक इकाई होने का अनुमान है। सर्वे के लिए इनवेस्ट यूपी ने रामटेक नाम की एजेंसी का चयन किया है। एजेंसी ने तीनों ही प्राधिकरण से सामंजस्य बनाकर सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें नोएडा में औद्योगिक क्षेत्र का रूझान व बदलाव, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास व बुनियादी जरूरतों पर फोकस रखा जाएगा।
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार ने यूपी को 1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा हुआ है, लेकिन बहुत सी औद्योगिक इकाइयां ऐसी हैं, जिनका जीएसटी, शॉप या फैक्ट्री एक्ट में रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। ऐसे में इनके उत्पादन व कारोबार की गणना ही नहीं हो पाती है। कई ऐसे औद्योगिक प्लॉट हैं, जिनमें एक से ज्यादा दो या तीन औद्योगिक इकाई भी चल रही है। ऐसे में सर्वे को जाने वाली टीम हर एक औद्योगिक प्लॉट का वास्तविक डेटा मौके से तैयार करेगी। यह डेटा तैयार करने के लिए एक सॉफ्टवेयर भी बनाया गया है। वहीं संसाधन व जरूरत जानने के लिए बिजली की खपत का भी कॉलम सर्वे में अलग से रखा गया है।
बदलाव पता चलने से भविष्य की योजना तैयार करने में होगी आसानी
नोएडा का औद्योगिक क्षेत्र बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तो आईटी सेक्टर बढ़ा है। इसके चलते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग बढ़ रही है। नया निवेश आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में ज्यादा आ रहा है। ऐसे में पुरानी कंपनियों में क्या बदलाव दिख रहा है, यह पता चलने से आगे की योजना तैयार करने में शासन को आसानी होगी। औद्योगिक प्लॉट आवंटन के साथ ही तीनों प्राधिकरण एक निश्चित समय आवंटी को औद्योगिक इकाई के लिए निर्माण व स्थापना के लिए देते हैं। इसके बाद आवंटी को प्राधिकरण में जानकारी देकर क्रियाशील प्रमाणपत्र लेना होता है। यह प्रमाणपत्र देने से पहले प्राधिकरण की टीम मौके पर जाकर मशीनें, उत्पादन व अन्य तथ्यों को देखती है फिर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
प्राधिकरण व अनुमानित औद्योगिक इकाईयों की संख्या-
नोएडा- 11098
ग्रेटर नोएडा- 2500
यमुना- 1800