सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र और ग्रेनो वेस्ट वायु प्रदूषण के हॉट स्पॉट
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने ग्रेनो वेस्ट और सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र को वायु प्रदूषण का हॉटस्पाट घोषित किया है। हर साल दोनों क्षेत्र में सबसे अधिक वायु प्रदूषण होता है। यहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के पार चला गया है। पिछले साल भी यही हाल था। निर्माणाधीन साइट, सड़क और किनारे पर धूल के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। वहीं, सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में कूड़ा जलाया जाता है। ऐसे में दोनों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इसकी सूचना प्राधिकरण को भी दे दी है। यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि यहां स्प्रिंक्लर से पानी का छिड़काव करना होगा। रात के समय धूल भरी सड़कों की धुलाई करनी होगी। मशीन से सड़क साफ करने से पहले पानी का छिड़काव करना होगा। वहीं, अगर छिड़काव के बाद भी धूल उड़ती है तो फिर डस्ट बाइडिंग एजेंट केमिकल को पानी में डालकर छिड़काव करना होगा। इस केमिकल की मदद से मिट्टी दो दिन तक गीली रहती है।
कूड़ा जलाने से बिगड़ रहे हालात
जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम में सबसे बड़ा अवरोधक कूड़ा है। ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रेनो वेस्ट में सोसाइटी के बाहर कूड़ा डाला जा रहा है। यही स्थिति औद्योगिक सेक्टरों की है। गांवों का भी बुरा हाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बाद में इनमें आग लगा दी जाती है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
धूल बना दूसरा बड़ा कारण
वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण पराली जलाने को माना जा रहा है, लेकिन उसके अलावा भी कई कारण हैं। धूल की वजह से सबसे ज्यादा हालात खराब हो रहे हैं। निर्माणाधीन साइट और ट्रैफिक से भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।