सुपरटेक ने कहा कि हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं और उसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने एक विश्व प्रसिद्ध कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग को ध्वस्त का काम सौंपा है, जिनके पास ऊंची इमारतों को सुरक्षित रूप से गिराने में विशेषज्ञता है।
ट्विन टावर गिरने से पहले सुपरटेक का बयान सामने आया जिसमें कहा गया कि 2009 में नोएडा प्राधिकरण द्वारा टावरों को मंजूरी दी गई थी। नोएडा प्राधिकरण को पूरा भुगतान करने के बाद हमने टावर का निर्माण किया था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने तकनीकी आधार पर निर्माण को संतोषजनक नहीं पाया है और दोनों टावरों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए।
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बयान में आगे कहा गया कि हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं और उसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने एक विश्व प्रसिद्ध कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग को ध्वस्त का काम सौंपा है, जिनके पास ऊंची इमारतों को सुरक्षित रूप से गिराने में विशेषज्ञता है। हमने करीब 70000 से अधिक लोगों को फ्लैट्स तैयार करके दे दिए हैं, बाकि के लोगों को भी निर्धारित समय से दे दिए जाएंगे। हम अपने सभी घर खरीदारों को आश्वस्त करते हैं कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के चलते किसी अन्य चल रही परियोजना प्रभावित नहीं होगी, परियोजनाएं जारी रहेंगी। हम निर्धारित समय में निर्माण पूरा कर आवंटियों को फ्लैट वितरित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।