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Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दमघोंटू हुई हवा

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-सीपीसीबी की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, हवा में जहरीली गैसों का स्तर तेजी से बढ़ा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा लगातार दमघोंटू होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से रविवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 399 के साथ बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं नोएडा का एक्यूआई 418 के साथ गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंचने से लोगों को सांस संबंधी बीमारी होने लगी है।
सीपीसीबी के मुताबिक पीएम-10 और पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कणों के साथ नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी गैसों की मात्रा बढ़ी है। यह प्रदूषक मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले धुएं, वाहनों के उत्सर्जन और सड़कों पर जमा धूलकणों से पैदा हो रहे हैं। हवा में पार्टिकुलेट मैटर के बढ़ते स्तर ने लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया है। वहीं रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर करीब 60 प्रतिशत रहा, जिससे धूल और प्रदूषण जमीन के पास ही जमा होने लगा और हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की गति और बदलते तापमान के कारण प्रदूषण तेजी से नीचे बैठता है, जिससे एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। रविवार को धुंध छाने के साथ न्यूनतम दृश्यतम कम रही।
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बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत
प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। जिम्स की ओपीडी में बच्चों में खांसी, सांस फूलना, एलर्जी और वायरल संक्रमण जैसे मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शिशु रोग विशषज्ञों का कहना है कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे प्रदूषण की मार सबसे पहले झेलते हैं। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय बच्चों को बाहर खेलने से रोका जाए। मास्क का उपयोग कराया जाए और घरों में एयर प्यूरिफायर का उपयोग बढ़ाया जाए।
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