नोएडा। बेसिक स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से होनी है, लेकिन अब तक नए सत्र के लिए किताबें छपने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। दिसंबर में विभाग की बैठक में अनुमोदन प्रक्रिया में मामला लटक गया था, जिसका अब तक निस्तारण नहीं हुआ है। इस कारण विद्यार्थी नए सत्र की शुरुआत पुरानी किताबों से करेंगे। ऐसे में विभाग विद्यार्थियों से पुरानी किताबों को वापस ले रहा है, जिससे अन्य छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा सके। इतना ही नहीं, वर्तमान शैक्षिक सत्र में कई विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्कूल बैग और स्वेटर की राशि भी नहीं मिली है। बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग के अंतर्गत 511 विद्यालय आते हैं। इनमें तीन श्रेणी है। पहली से 5वीं कक्षा तक, छठी से 8वीं कक्षा तक और पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यालय। पहली से 5वीं तक के विद्यालय को प्राइमरी स्कूल, छठी से 8वीं तक के विद्यालय को जूनियर स्कूल, और पहली से 8वीं वाले विद्यालय को कंपोजिट विद्यालय कहा जाता है। जिले में पहली से 5वीं कक्षा के 297, छठी से 8वीं तक के 53, और पहली से 8वीं के 161 विद्यालय हैं। इन सभी स्कूलों में 92 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को शासन की तरफ से निशुल्क किताबें दी जाती हैं।
विद्यार्थियों की किताबें शासन स्तर से ही आती हैं। अब तक शासन से कोई दिशानिर्देश नहीं आए हैं। विद्यार्थियों से पुरानी किताबें ली जा रही हैं। - यशपाल सिंह, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, बिसरख
लापरवाही पर 200 शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से हटाया
ग्रेटर नोएडा। लापरवाही बरतने पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वित्त विहीन स्कूलों के 200 शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से हटा दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि इनके स्थान पर परिषदीय स्कूलों में तैनात अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में बनाए गए 58 केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटर के 37,520 छात्र परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा में परिषदीय, इंटर स्कूल और वित्त विहीन स्कूलों के लगभग 1800 अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। तीन दिन की परीक्षा के दौरान जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में वित्त विहीन स्कूलों के अध्यापक ड्यूटी में लापरवाही बरत रहे थे। कई अध्यापक ड्यूटी पर ही नहीं पहुंच रहे थे। डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। वहीं, सोमवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 22721 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है।