फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑनलाइन हनी ट्रैप गिरोह से परेशान होकर छात्र ने घर छोड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। ऑनलाइन हनी ट्रैप गिरोह ने एक बीकॉम छात्र को शिकार बनाया है। छात्र ने उधार लेकर गिरोह की युवती को एक लाख रुपये दिए, लेकिन ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई। परेशान होकर छात्र घर छोड़कर लापता हो गया। अनहोनी की आशंका पर परिजन ने कासना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और परिजन के प्रयास से छात्र घर लौट आया है।
विज्ञापन

कासना थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में दादरी निवासी व्यक्ति ने कहा कि उनका भांजा कासना क्षेत्र में रहता है और बीकॉम का छात्र है। छात्र 1 मई को सोशल मीडिया पर एक युवती के संपर्क में आ गया था। युवती ने उससे चैटिंग कर संपर्क बढ़ाया और फिर वीडियो कॉल कर अश्लीलता करने लगी। इसके बाद छात्र की भी अश्लील वीडियो तैयार कर वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग करने लगी। छात्र ने किसी तरह बंदोबस्त कर कभी दस हजार तो कभी बीस हजार युवती के कहने पर कुल एक लाख रुपये बताए गए नंबर पर स्थानांतरित कर दिए। इसके बाद युवती की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर छात्र 10 मई को लापता हो गया। थाना प्रभारी विवेक त्रिवेदी ने बताया कि छात्र ने किसी से उधार रुपये लेकर युवती को दिए थे। अब उधार देने वालो भी उससे रुपये मांग रहा था। ब्लैकमेलिंग और तगादे से परेशान होकर वह चला गया था।
साइबर सेल में मिले कई पीड़ित
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले छात्र के मामा ने बताया कि जब वह मामले की शिकायत करने पर साइबर सेल पहुंचे तो उन्हें वहां कई पीड़ित ऐसे मिले जो इस गिरोह की शिकायत करने पहुंचे थे।
विज्ञापन

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है बड़ा गिरोह
अधिवक्ता आदित्य भाटी का कहना है कि इस गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों से ब्लैकमेलिंग की है। अधिकांश लोग शिकायत नहीं कर पाते, लेकिन जो शिकायत करते हैं। उन पर पुलिस आसानी से कार्रवाई नही करती। गिरोह ने फर्जी वीडियो बनाकर मुझे भी ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों को टैग कर ट्विटर पर की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। यह गिरोह किसी सॉफ्टवेयर के जरिये वीडियो कॉल करता है। इसमें लड़की अश्लीलता करती नजर आती है और वीडियो चैट करने वाले को जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें