फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: घर जाने के लिए मारामारी, डग्गामार के भरोसे सवारी

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

- होली के दिन भी बसों का इंतजार करते रहे यात्री
- सड़कों पर मंडराती रहीं नियम तोड़तीं निजी बस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। होली के त्योहार पर घर जाने के लिए निकले यात्रियों को बसों के लिए परेशानी उठानी पड़ी। होली स्पेशल बसों का यात्री इंतजार करते दिखाई दिए। वहीं, रोडवेज बसों की कमी का लाभ निजी बस चालक व संचालक उठाते दिखे। नियम तोड़कर क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर निजी बसें रवाना हुईं और कई बार जाम का कारण भी बनीं।
रोडवेज ग्रेनो डिपो ने अपनी 153 बसों को होली स्पेशल बनाकर चलाईं। इन बसों के फेरे बढ़ाकर 24 घंटे चलाने का दावा किया गया। लेकिन रोडवेज की तैयारी हर साल की तरह इस वर्ष भी नाकाफी साबित हुई। इससे निजी बस चालक व संचालकों की खूब चांदी हुई। बड़ी संख्या में निजी, डग्गामार व मॉडीफाइड बस मार्ग पर आ गईं और नियम तोड़कर परी चौक के आसपास खड़े होकर सवारियों को बैठाती दिखीं। परी चौक से आगे जाकर सीट फुल होने के बावजूद देर तक खड़े होकर यात्रियों को निजी बसों में बैठाया गया। कुछ अन्य डग्गामार वाहन भी यात्रियों को क्षमता से अधिक बैठाकर रवाना होते दिखे। वहीं, यात्री रोडवेज बसों का इंतजार करते दिखे।
विज्ञापन

डीसीपी के पत्र लिखने का भी नहीं दिखा असर
डीसीपी यातायात अनिल कुमार यादव ने होली पर डग्गामार बसों के मार्ग पर आने की आशंका के चलते एक सप्ताह पहले ही एआरटीओ और रोडवेज को पत्र लिखा था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में डग्गामार और मॉडीफाइड बस यात्रियों को सफर कराती रहीं।
-
हादसे का कारण बन चुकी हैं मॉडीफाइड बस

क्षेत्र से दूर दराज के शहरों और प्रदेशों तक यात्रियों को भरकर रवाना होने वाली मॉडीफाइड बसें कई बार हादसे का कारण बन चुकी हैं। चालक और संचालक बसों को मॉडीफाई कराकर मुनाफे के लालच में डबल डेकर बना लेते हैं। इससे कई बार हादसे और आग लगने का कारण बनती हैं। पिछले साल छठ पूजा के दौरान इस तरह की बसों में आग लगने की घटना के बाद पुलिस ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी। लेकिन फिर से यह बसें बड़ी संख्या में मार्ग पर उतर आई हैं।
विज्ञापन


डिपो की सभी 153 बसों को चलाया गया है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए होली स्पेशल बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जिस रूट के यात्रियों की संख्या अधिक होती हैं, उसके लिए बस की व्यवस्था कराई जाती है।

- विष्णु शर्मा स्टेशन प्रभारी, ग्रेटर नोएडा डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें