- नई भाषा का अर्थ केवल नए शब्दों का प्रयोग नहीं, बल्कि नई जीवनशैली को अपनाना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में भारतीय भाषा एवं साहित्य विभाग की ओर से हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह कहा कि हिंदी से जितने अधिक लोग जुड़े, उतनी ही यह भाषा सशक्त और समृद्ध होती गई। उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना आवश्यक है कि कितने नए लोग हिंदी सीख रहे हैं और इस भाषा से जुड़ रहे हैं। मातृभाषा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए दृढ़ संकल्प आवश्यक है।
कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने हिंदी के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और वैश्विक छवि पर जोर देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय इस दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है। साथ ही हिंदी को गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों और लोगों तक अधिक से अधिक पहुंचाया जाए। प्रो. वंदना पांडे ने कहा कि हिंदी गंगा की तरह सलिल है, यह एक निर्झरणी धारा है जो निरंतर प्रवाहित होती रही है। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 15 दिन तक काव्य लेखन, निबंध लेखन, वाद-विवाद, कहानी पाठ और पोस्टर मेकिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पोस्टर मेकिंग में एमए हिन्दी की छात्रा अनविका भाटी को प्रथम, बीए हिन्दी की दीपिका को द्वितीय तथा बीटेक की ख़ुशी को तृतीय स्थान मिला। इस मौके पर डॉ. विभावरी, डॉ. रेनू यादव,डॉ. दिवाकर गरवा, रेनू यादव, डॉ. ओबैदुल गफ्फार, डॉ. आसिफ, डॉ. रेहाना सुल्ताना, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. अपर्णा और संगीता आदि उपस्थित रहे।