मास्टरबाग (सीतापुर)। क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा मवेशी लोगों के लिए मुसीबत बने हैं। इन मवेशियों का झुंड खेतों में खड़ी फसलाें को बर्बाद कर रहा है। वहीं, सड़कों पर इनकी मौजूदगी हादसों का सबब बनती हैं। ग्रामीणों ने इन मवेशियों को संरक्षित किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
विकासखंड कसमंडा इलाके के कसमंडा बरेठी, जडौरा, कोकनामऊ, मास्टर बाग आदि गांवों में तथा बिसवां-सिधौली मार्ग सहित अन्य मार्गों पर रोजाना छुट्टा मवेशियों का झुंड घूमता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पशु खेतों में लगी धान, गन्ना व मक्का आदि की फसल पलक झपकते ही चट कर जाते हैं। यही नहीं, खासकर रात में सड़क पर बैठे ये पशु अंधेरे के कारण अक्सर चालकों को नहीं दिखते, जिससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं।
रामकुमार यादव, सचिन, विवेक कुमार, रजनीश कुमार, इदरीश, श्रीपाल, राजेंद्र, वीरेंद्र, ठाकुर प्रसाद आदि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि किसान मेहनत से तैयार की गई अपनी फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए किसान दिन रात खेतों की रखवाली करते हैं, लेकिन इन पशुओं के झुंड खेतों में पहुंचकर पलक झपकते ही फसलों को चौपट कर देते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों खर्च कर स्थापित की गई गोशालाओं में इन पशुओं को संरक्षित नहीं किया जा रहा है। राकेश यादव, मेवालाल यादव, रमेश आदि का कहना है कि छुट्टा पशु फसलों को बर्बाद करने के साथ हादसों का सबब भी बनते हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार इनको संरक्षित करने की ओर ध्यान नहींं दे रहे हैं।