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गाजियााबाद के ध्यानार्थ:::::::::: पत्थर व्यापारी का बेटा लापता, यमुना एक्सप्रेस वे पर लावारिस खड़ी मिली कार

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- सूचना के बाद भी पीड़ित परिवार को तहरीर लेने के लिए रातभर घुमाती रही दो जिलों की पुलिस
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- कार में लगे जीपीएस से पुलिस ने ट्रैक की कार, निजी विश्वविद्यालय के सामने मिली कार
संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। गाजियाबाद के नेहरू नगर निवासी एक पत्थर व्यापारी मनीष गुप्ता का बेटा शशांक गुप्ता (25) मंगलवार दोपहर से संदिग्ध अवस्था में लापता है। परिजन को जीपीएस के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे पर दनकौर क्षेत्र में एक निजी विश्वविद्यालय के सामने उसकी बलेनो कार लावारिस अवस्था में खड़ी मिली है।
संदिग्ध अवस्था में युवक की कार मिलने के बाद परिवार ने घटना की सूचना पुलिस हेल्प लाइन नंबर 112 पर दी, जिसके बाद दनकौर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और कार को कब्जे में ले लिया। कार से पुलिस ने लापता युवक के गले की टूटी हुई चेन और घड़ी बरामद की है। परिजन का आरोप है कि सूचना देने बाद भी दनकौर और इंदिरापुरम गाजियाबाद पुलिस पीड़ित परिवार की शिकायत लेने के बजाय रातभर एक दूसरे का घटनास्थल बताकर घुमाती रही। इसके बाद बुधवार तड़के 4 बजे दनकौर पुलिस को घटना की शिकायत दी गई।
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डीसीपी ग्रेटर नोएडा ने लापता युवक की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया है। पुलिस ने यमुना व नोएडा एक्सप्रेस वे आदि के सीसीटीवी को खंगाला है, लेकिन करीब 30 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। गाजियाबाद निवासी रामप्रकाश गुप्ता ने बताया कि वह अपने पोते शशांक के साथ कार में सवार होकर घर से निकले थे। शशांक उन्हें इंदिरापुरम में एक सोसायटी के गेट पर छोड़कर अपने मोबाइल की बैटरी ठीक कराने नोएडा जाने की बात कहकर कार लेकर गया था। करीब 2 घंटे तक वापस नहीं लौटा तो उसे फोन किया, लेकिन दोनों मोबाइल नंबर बंद हो गए। उसके बाद उन्होंने अपने बेटे मनीष गुप्ता को सूचना दी।

कार में लगे जीपीएस से घटनास्थल पर पहुंचे परिजन
कार में जीपीएस लगा था तो उसी से ट्रैक करते हुए बुधवार दोपहर 3 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचे तो दनकौर क्षेत्र में कार खड़ी मिली। कार में चाबी नहीं थी, लेकिन दरवाजे लॉक नहीं थे।
दोनों जिलों की पुलिस ने परिजन को लगवाए चक्कर
कार मिलने के बाद परिजन ने 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची दनकौर पुलिस ने घटनास्थल इंदिरापुरम बताकर परिजन को टरका दिया। रात में ही परिजन इंदिरापुरम कोतवाली पहुंचे तो वहां से भी दनकौर कोतवाली का मामला बताकर उन्हें वापस टरका दिया गया। इसके बाद वह उल्टे पांव दनकौर कोतवाली पहुंचे। यहां पर बुधवार तड़के 4 बजे दनकौर पुलिस ने शिकायत लेकर उन्हें घर भेज दिया।
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सीसीटीवी की क्वालिटी ठीक न होने से नहीं हुई पहचान
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कार दिखाई दे रही है, लेकिन किसी भी कैमरे की क्वालिटी अच्छी नही होने के कारण कार में कौन बैठा है, ये देखना मुश्किल हो रहा है।
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