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कोरोना टीकाकरण की रफ्तार आधी

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नोएडा। कोविड-19 की दूसरी लहर जिले में खूब कहर बरपा रही है। वहीं, इससे लड़ने के लिए बनाए गए अस्त्र यानी वैक्सीनेशन की धार भी कुंद हो गई है। पहले के मुकाबले अब प्रतिदिन बहुत कम लोगों को वैक्सीन लग पा रही है। निजी अस्पतालों में टीके लगने पहले ही बंद हो गए थे। वहीं, अब सरकारी केंद्र भी घटा दिए गए हैं। फरवरी-मार्च में प्रतिदिन 10 से 12 हजार लोगों का वैक्सीनेशन हो रहा था। अब रफ्तार 5 से 6 हजार प्रतिदिन हो गई है। अब तक जिले में 3.24 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
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16 जनवरी से देशभर के साथ जिले में भी वैक्सीनेशन शुरू हुआ था। जिले में जिला अस्पताल और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में टीकाकरण शुरू हुआ। फरवरी में 51 सरकारी और निजी केंद्रों में टीकाकरण शुरू किया गया। मई में इनकी संख्या 26 अधिकतम रही है। वैक्सीनेशन की कमी के कारण ही निजी अस्पतालों को वैक्सीन मिलनी बंद हो गई है। फरवरी से लेकर अप्रैल तक 51 केंद्रों में करीब 8 हजार से लेकर 11 हजार लोगों को प्रतिदिन वैक्सीन लग रही थी। 18 से 44 वर्ष के लोगों को भी वैक्सीन लगनी शुरू हुई, लेकिन मई में साढ़े पांच हजार से साढ़े छह हजार तक अधिकतम प्रतिदिन वैक्सीन लग पा रही है। स्वास्थ्य विभाग से केवल तीन निजी अस्पताल को टीके लगाने की अनुमति मिली है। इनमें फोर्टिस, मैक्स नोएडा और अपोलो नोएडा अस्पताल शामिल हैं। कोविन एप पर तीनों अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के बाद टीके लगाए जा रहे हैं, लेकिन इनकी संख्या प्रतिदिन कुल 600 के आसपास ही है।
पहले दिन ड्राइव थ्रू टीकाकरण में 176 लोगों को लगे टीके
ड्राइव थ्रू टीकाकरण के तहत सोमवार को नोएडा के सेक्टर-18 स्थित डीएलएफ मॉल और ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कांप्लेक्स परिसर में 176 लोगों को टीके लगे। ग्रेटर नोएडा में कुल 83 लोगों ने टीका लगवाया। शेष टीके नोएडा में लगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ व कोविड के नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंगलवार को भी यहां 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। सुबह 9 बजे से शुरू हुए टीकाकरण के लिए महज कुछ मिनट में भी स्लॉट बुक हो गए। हालांकि, कुछ लोगों ने सोमवार को टीकाकरण कराने का इरादा बदल लिया। इससे अन्य लोगों ने स्लॉट बुक कर टीकाकरण कराया। टीकाकरण के बाद करीब आधे घंटे तक लोगों को कार में ही डॉक्टरों के देखरेख में रखा गया। इस दौरान परिसर में चाय, पानी के लिए अलग से सुविधा मुहैया कराई गई थी।
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मार्च और अप्रैल में 95 हजार टीके प्रतिमाह का लक्ष्य दिया गया था, जो पूरा किया गया। अब तक कुल 3.24 लाख टीके लगाए जा चुके हैं। वैक्सीन की उपलब्धता के हिसाब से टीकाकरण अभियान बेहतर है। जिले में इसकी रफ्तार और बढ़ाने की कोशिश जारी है।
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- डॉ. नीरज त्यागी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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