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Noida News: किसी को भेजा 30 किमी दूर तो किसी से दफ्तर का ले रहे काम

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सोनभद्र। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती-संबद्धता में मनमानी की जा रही है। बंद विद्यालयों के नाम पर कई शिक्षकों को 20 से 30 किमी दूर संबद्ध कर दिया गया है तो कई शिक्षकों से बीईओ दफ्तर और बीआरसी में काम लिया जा रहा है। जिला कार्यालय पर भी एक शिक्षक की तैनाती की गई है। एक शिक्षक दूसरे ब्लाक में स्थानांतरण के बावजूद उसी ब्लाक के बीआरसी पर जमे हुए हैं।
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किसी भी संबद्धता के लिए उच्चाधिकारियों और शासन स्तर से अनुमति जरूरी है लेकिन शिक्षकों को कभी दूसरे विद्यालय तो कभी कार्यालयों में संबद्ध कर काम लिया जा रहा है। कई शिक्षक ऐसे हैं जो लंबे समय से संबद्धता के बहाने एबीएसए-बीआरसी दफ्तर में जमे हुए हैं। मुकदमे की पैरवी के नाम पर एक शिक्षक की संबद्धता जिला कार्यालय पर बनी हुई है।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 21 अक्तूबर को जारी आदेश में कहा था कि ऐसे संबद्धीकरण को तत्काल निरस्त कर मूल तैनाती स्थल पर भेजा जाए। साथ ही भविष्य में किसी को भी ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाए, जहां उसकी मूल तैनाती न हो। 10 दिन के भीतर आख्या भी मांगी गई थी लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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केस एक::
स्कूल में छह शिक्षक, मगर संबद्धता 20 किमी दूर वाले को
कोन ब्लाक में बंद विद्यालय के संचालन के नाम पर तीन शिक्षकों को 20 से 30 किमी दूर संबद्ध किया गया है। दुर्गम क्षेत्र स्थित बरियासी में एक ऐसे शिक्षक को तैनाती दी गई, जिसका मूल विद्यालय 20 किमी दूर है। यहां महज छह किमी वाले विद्यालय में छह शिक्षक तैनात हैं लेकिन वहां से किसी को नहीं भेजा गया। इसी तरह सनवादामर स्थित विद्यालय पर जिस शिक्षक की तैनाती हुई उसकी दूरी 25 किमी है। यहां भी नजदीक वाले शिक्षक को संबद्ध करने की जरूरत नहीं समझी गई। धोबी बस्ती में आठ किमी दूर वाले विद्यालय के शिक्षक को भेजा गया है।

केस दो::
निलंबित कर पास में कर दिया संबद्ध
दो शिक्षक कोन ब्लाॅक में तैनात थे। उन्हें निलंबित करने के बाद विद्यालय बंद कर दिया गया। इसके बाद उन्हें बहाल कर चोपन ब्लाॅक में अच्छी जगह तैनाती दे दी गई। अब स्कूल संचालन के नाम पर 20 से 30 किमी दूर तैनात शिक्षकों को भेजा जा रहा है। नगवां ब्लाक में एक शिक्षक को सुअरसोत से 20 किमी दूर सेमरिया और दूसरे को घोराघर से 50 किमी दूर दुआरी संबद्ध किया गया। सूत्रों ने बताया कि दोनों शिक्षकों से बीईओ कार्यालय/बीआरसी में काम कराया जा रहा है।
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केस तीन::
तबादला हुआ तो बीआरसी से करा ली संबद्धता
चतरा ब्लाक में भी दो विद्यालयों की संबद्धता सामने आई है। एक को मूल तैनाती से पांच किमी तो दूसरे को 15 किमी दूर भेजा गया है। यहां एक ऐसे शिक्षक बताए जा रहे हैं जिनका तबादला म्योरपुर ब्लाक में हो चुका है लेकिन संबद्धता के नाम पर चतरा बीआरसी कार्यालय पर तैनाती बनी हुई है। दुद्धी ब्लाक में भी बंद विद्यालय के नाम पर चार विद्यालयों को हाल में संबद्ध किया गया है। कहा जा रहा है कि विद्यालय संचालन जरूरी था लेकिन तैनाती के तरीके को लेकर यहां भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सुविधाजनक विद्यालयों में जमे हैं कई शिक्षक
कई ऐसे शिक्षक बताए जा रहे हैं जो लंबे समय से संबद्धता के जरिए सुविधाजनक विद्यालयों पर तैनाती बनाए हुए हैं। घोरावल ब्लॉक में तैनात एक शिक्षक को 50 किमी दूर करमा ब्लाॅक में संबद्ध कर दिया गया है। दो को घोरावल से शिवद्वार के बीच मूल तैनाती की जगह मनचाही तैनाती दी गई है। करमा ब्लाॅक के खुटहनिया से दो शिक्षिकाओं को हटाकर दूसरी जगह भेज दिया गया है जिससे एक विद्यालय एकल की श्रेणी में आ गया है। म्योरपुर में बंद विद्यालयों के लिए 12 शिक्षक संबद्ध किए गए हैं। इनकी भी तैनाती में दूरी के मसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

वर्जन...
कुछ जगहों पर गलत तैनाती की सूचना मिली है। इस पर बीएसए से आपत्ति जताई जा चुकी है। शेष जगहों की क्या स्थिति है, इसके बारे में भी पता कर आपत्ति दर्ज कराई जाएगी। - योगेश पांडेय, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ।
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मूल तैनाती से ज्यादा दूर के विद्यालयों पर संबद्धता की जानकारी नहीं है। अपर मुख्य सचिव का निर्देश ऐसे कार्मिकों के लिए है, जो दूसरे विभागों में संबद्ध किए गए हैं। - मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।
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