पानीपत। औद्योगिक नगरी में कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा मुंह के कैंसर से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण धूम्रपान करना है। वहीं महिलाओं में जेनेटिक कारणों से कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। दो साल का आंकड़ा देखें तो कैंसर के 550 मरीज मिल चुके हैं। जिला नागरिक अस्पताल में इसका इलाज न होने से स्क्रीनिंग में संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों को रोहतक या खानपुर पीजीआई के साथ करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। वहीं कुछ लोग राष्ट्रीय कैंसर संस्थान झज्जर और पानीपत के बड़ौली गांव स्थित कैंसर अस्पताल में जा रहे हैं।
7 नवंबर को कैंसर जागरूकता दिवस है। स्वास्थ्य विभाग की ओ से कैंसर की जागरूकता के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसके बावजूद यह कम नहीं हो पा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर का इलाज न होने से लोग बड़ौली गांव स्थित प्रेम कैंसर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। जिले में 2021 में 237 और 2022 में 242 केस के मामले आ चुके हैं। यह आंकड़ा सरकारी है। अब डाटा तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास केवल रोहतक पीजीआई में इलाज के लिए मुफ्त बस पास बनवाने वाले मरीजों का ही डाटा है। जिले में सबसे ज्यादा ओरल कैंसर (मुंह और गले) के मरीज हैं। महिलाओं में गर्भाशय और स्तन कैंसर के मामले ज्यादा आ रहे हैं। डॉ. प्रेम कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. अभिनव ने बताया कि प्रेम कैंसर अस्पताल में एक महीने में लगभग 50 सर्जरी हो रही हैं। पुरुषों में कैंसर का कारण उनका धूम्रपान, ऐल्कोहॉल, गुटका-पान का सेवन आदि है। वहीं महिलाओं में जेनेटिक कारणों से कैंसर हो रहा है।
महिलाओं में कैंसर के शुरुआती लक्षण-
-स्तन में गांठ होना।
-बच्चेदानी से अत्याधिक रक्तस्त्राव।
- पुरुषों में कैंसर के शुरुआती लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी और बलगम आना
- वजन टूटना, भूख न लगना, मुंह में गांठ हो जाना।
अस्पताल में कैंसर के मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। संदिग्ध को रोहतक या खानपुर पीजीआई, करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। जल्द अस्पताल में ओपीडी में आने वाले कैंसर मरीजों का प्राथमिक इलाज किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों को झज्जर के एक मेडिकल केंद्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- डॉ. विशाल कौशिक, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग