ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने 123वीं बोर्ड बैठक में छह बिजली घर बनाने को मंजूरी दी है। इनमें दो 400 केवी, दो 220 केवी और दो 132 केवी के बिजली घर होंगे। सभी के बनने के बाद शहर में 800 मेगावाट बिजली क्षमता बढ़ जाएगी जिससे अगले दस साल तक बिजली की कमी पूरी होगी। अभी शहर में 550 मेगावाट क्षमता है।
प्राधिकरण शहर को तेजी से औद्योगिक नगरी के रूप में विस्तार कर रहा है। लगातार नई औद्योगिक इकाइयां लग रही हैं। कई औद्योगिक सेक्टरों में डाटा सेंटर हब बनेंगे। आवासीय और संस्थागत सेक्टर भी विकसित होंगे। ऐसे में इन सेक्टर में बिजली की खपत बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखकर बोर्ड बैठक में छह नए बिजली घर बनाने को मंजूरी दी गई है। अमरपुर और मेट्रो डिपो के पास 400 केवी के बिजली घर का निर्माण यूपीपीटीसीएल करेगा। जबकि 220 और 132 केवी के चारों बिजली घरों का निर्माण प्राधिकरण करेगा।
इन सभी के निर्माण में 12 माह से 30 माह तक का समय लगेगा। इन चारों को शुरुआत में मेट्रो डिपो के 400 केवी बिजली घर से जोड़ा जाएगा। इसका भार कम करने के लिए अमरपुर के 400 बिजली घर को बनाया जा रहा है। मेट्रो डिपो के पास बनने वाले 400 केवी बिजली घर को जहांगीरपुर से जोड़ा जाएगा।
जीआईएस से फॉल्ट की संभावना हो जाएगी कम
सभी बिजली घर गैस इंसुलेटेड सिस्टम (जीआईएस) पर आधारित होंगे। इसके तहत बिजली घर का स्विच यार्ड इंडोर होगा। फॉल्ट होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। मेंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। एयर इंसुलेेटेड सिस्टम से काफी अच्छा रहता है।
ये हैं प्रस्तावित बिजलीघर
- 220 केवी, जलपुरा
- 220 केवी, नॉलेज पार्क-5
- 132 केवी, ईकोटेक-8
- 132 केवी, ईकोटेक-10
- 400 केवी मेट्रो डिपो, अमरपुर